@ लख़नऊ उत्तरप्रदेश :-
उत्तर प्रदेश में ‘सीएम युवा’ पहल के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों से प्रदेश में इनोवेशन आधारित स्टार्टअप तेजी से उभर रहे हैं, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार मिलने के साथ वे खुद रोजगार सृजनकर्ता भी बन रहे हैं।

‘सीएम युवा’ योजना के तहत प्रदेश में अब तक 10 हजार से अधिक इनोवेटिव उद्यम स्थापित किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि युवाओं में उद्यमिता को लेकर आत्मविश्वास तेजी से बढ़ रहा है और वे नए क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं।
सीएम युवा के नोडल अधिकारी और ज्वाइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज सर्वेश्वर शुक्ला के अनुसार, इस योजना ने न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं, बल्कि प्रदेश को आत्मनिर्भर भारत के विजन की ओर भी आगे बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि कुल उद्यमों में करीब 10% इनोवेटिव मॉडल आधारित हैं, जिसे इस वित्तीय वर्ष में 25% तक ले जाने का लक्ष्य है।
सेक्टरवार आंकड़ों के अनुसार, फूड और रेस्टोरेंट व्यवसाय युवाओं की पहली पसंद बनकर उभरा है, जहां 763 उद्यम स्थापित हुए हैं। इसके अलावा कंप्यूटर ट्रेनिंग (370), पैथोलॉजी सैंपलिंग (260), फास्ट फूड (253), फ्रेंचाइजी मॉडल (253) और ऑनलाइन टीचिंग (189) में भी युवाओं की सक्रिय भागीदारी दिखी है।
जिम (170), मोबाइल आईटी एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म (120), ट्रैवल एंड टूरिज्म (117) और क्लाउड किचन (117) जैसे उभरते क्षेत्रों में भी स्टार्टअप तेजी से बढ़ रहे हैं, जो बदलते बिजनेस ट्रेंड को दर्शाता है।
जनपदवार प्रदर्शन में लखनऊ 287 उद्यमों के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद आजमगढ़, हरदोई, जौनपुर, अंबेडकर नगर, कानपुर, वाराणसी, रायबरेली, बरेली और फिरोजाबाद जैसे जिले भी इनोवेटिव मॉडल अपनाने में अग्रणी बनकर उभरे हैं।
इस स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा समेत अन्य बैंकों ने हजारों युवाओं को ऋण उपलब्ध कराकर उनके स्टार्टअप को गति दी है। सरकार की इस पहल ने प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को नई दिशा दी है और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक मजबूत कदम साबित हो रही है।
