खुले पैसों का झंझट खत्म ! जीएसआरीटीसी बसों में 30 प्रतिशत आय अब डिजिटल पेमेंट से होता है

@ गांधीनगर गुजरात :-

गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (जीएसआरटीसी) द्वारा डिजिटल पेमेंट पर बल दिया जा रहा है और यात्रियों के लिए पेमेंट की अनुकूल व्यवस्था की गई हैं। राज्य की बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए डिजिटल पेमेंट सिस्टम का जबर्दस्त से विस्तार हो रहा है। आँकड़े उसका प्रमाण देते हैं। हाल में निगम की दैनिक आय में लगभग 30 प्रतिशत आय कैशलेस माध्यमों से होती है।

अहमदाबाद निवासी मनीष घाँची ने हाल ही में जीएसआरटीसी की प्रीमियम बस में वडोदरा जाने के लिए यात्रा की थी। नकद या खुले पैसों की चिंता किए बगैर उन्होंने कंडक्टर द्वारा तुरंत ही जनरेट किए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर टिकट किराए का पेमेंट किया।

जीएसआरटीसी की यह पहल वास्तव में प्रशंसनीय है। मुझ जैसे हजारों लोग नियमित रूप से केवल डिजिटल पेमेंट का ही उपयोग करते हैं। उनके लिए यह व्यवस्था अत्यंत सुविधाजनक है, मनीष घाँची ने डिजिटल पेमेंट सिस्टम की प्रशंसा करते हुए कहा।

राज्यभर में अब हजारों यात्रियों को यात्रा के दौरान नकद रखने की जरूरत नहीं रहती है। जीएसआरटीसी अब यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड तथा मोबाइल आधारित ऑनलाइन पेमेंट सहित अनेक डिजिटल विकल्पों द्वारा टिकट किराया भुगतान की सुविधा देता है। इतना ही नहीं; डिजिटल ट्रांजेक्शन के बढ़ते उपयोग से निगम की कार्यक्षमता तथा पारदर्शिता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राज्य में 8000 से अधिक बसों में यात्रा करने वाले यात्री विभिन्न डिजिटल माध्यमों से पेमेंट कर सकते हैं। यह पहल मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार के डिजिटल गवर्नेंस के व्यापक प्रयासों को सार्थक सिद्ध करती है।

उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बस सुविधा बढ़ाने तथा डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने की जरूरत पर बल दिया है। यात्रियों को अधिक सुविधा मिले तथा दैनिक यात्रियों की संख्या बढ़े; उस पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

औसत 27 लाख यात्री निगम की बसों में यात्रा करते हैं और लगभग दैनिक 12 करोड़ रुपए की आय होती है। उसमें लगभग 30 प्रतिशत आय अब डिजिटल पेमेंट द्वारा होती है। दैनिक डिजिटल कलेक्शन पिछले एक वर्ष में लगभग 1 करोड़ रुपए से बढ़कर हाल में 2 करोड़ रुपए हो गया है और लगातार बढ़ रहा है। हम कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर आगे बढ़ रहे हैं तथा यह पहल डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने का हिस्सा है, उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा।

निगम द्वारा विद्यार्थियों के ‘पास’ के लिए भुगतान भी डिजिटल किया गया है, जिससे डिजिटल आय में वृद्धि हुई है।

आगामी समय में गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा कैशलेश ट्रांजेक्शन का दायरा और बढ़ाने का आयोजन किया गया है।

आगामी महीनों में हम डिजिटल पेमेंट का हिस्सा 60 से 70 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं। इसके लिए कॉमर्शियल सेवाओं तथा पैसेंजर पास सिस्टम में भी यह डिजिटल पेमेंट लाएंगे, निगम के उच्चाधिकारी ने कहा।

उल्लेखनीय है कि जीएसआरटीसी में होने वाले कुल डिजिटल ट्रांजेक्शन में लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा यूपीआई का है। यह आँकड़ा दर्शाता है कि समग्र गुजरात में यूपीआई का दायरा कितना बढ़ा है।

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