@ चंडीगढ़ हरियाणा :-
प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान और सम्मान मिला है। भारत ने योग, आयुर्वेद और भारतीय जीवन मूल्यों को दुनिया तक पहुंचाकर अपनी सांस्कृतिक शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। प्रधानमंत्री द्वारा संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पहल को अभूतपूर्व समर्थन मिला, जिसके बाद दुनिया के अनेक देशों में योग को अपनाया गया।
इसके साथ ही ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के संदेश के माध्यम से भारत ने विश्व को शांति, सह-अस्तित्व और मानवता का मार्ग दिखाया है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक, राम मंदिर और केदारनाथ पुनर्निर्माण जैसी परियोजनाओं ने देश की धार्मिक धरोहर को नई भव्यता प्रदान की है। यह नया भारत विकास और विरासत के संतुलन के साथ आगे बढ़ रहा है, जहां आधुनिकता के साथ संस्कृति और परंपराओं का भी संरक्षण किया जा रहा है।

