दिल्ली पुलिस नारकोटिक्स विभाग में तैनात करोड़पति इंस्पेक्टर पकड़ा गया

@ नई दिल्ली :-

दिल्ली पुलिस के नारकोटिक्स विभाग में तैनात इंस्पेक्टर सुभाष यादव की सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी के बाद राजधानी में पुलिस व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सीबीआई के अनुसार जांच में अब तक इंस्पेक्टर के कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों और बड़े वित्तीय लेन-देन के सुराग मिले हैं।

इस खुलासे के बाद यह मामला केवल एक पुलिस अधिकारी तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर बहस शुरू हो गई है।

सुभाष यादव लंबे समय से द्वारका जिले में तैनात था। जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 से वह लगातार इसी जिले में प्रभावशाली पदों पर बना रहा। बीच में उसका तबादला दक्षिणी जिले में हुआ, लेकिन वह वहां नहीं गया और दोबारा द्वारका में सक्रिय रहा।

इस दौरान कई आईपीएस अधिकारी बदले, लेकिन उसकी तैनाती और प्रभाव बना रहा। यही वजह है कि अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या उसे उच्च अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त था।

द्वारका, उत्तम नगर और मोहन गार्डन जैसे इलाकों में लंबे समय से नाइजीरियन नागरिकों के जरिए ड्रग्स नेटवर्क सक्रिय होने की चर्चाएं रही हैं। आरोप है कि इसी नेटवर्क से जुड़े मामलों में अवैध उगाही और संरक्षण के जरिए करोड़ों रुपये कमाए गए। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन सीबीआई जांच में कई संदिग्ध आर्थिक लेन-देन सामने आने की बात कही जा रही है।

इस पूरे मामले ने पुलिस विभाग की आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि एक इंस्पेक्टर के पास इतनी बड़ी संपत्ति है, तो क्या वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी, या फिर जानबूझकर अनदेखी की गई? अब निगाहें सीबीआई जांच पर टिकी हैं कि क्या एजेंसी केवल एक अधिकारी तक सीमित रहेगी या उन लोगों तक भी पहुंचेगी जिन पर संरक्षण देने के आरोप लग रहे हैं।

फिलहाल सीबीआई आरोपी इंस्पेक्टर को अदालत में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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