@ गांधीनगर गुजरात :-
सड़क दुर्घटनाओं में कीमती जिंदगियां बचाने और नागरिकों में ट्रैफिक सेंस विकसित करने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में पूरे राज्य में 1 से 31 मई तक एक महीने का विशेष ‘हेलमेट ड्राइव’ चलाया गया था।

इस विशेष अभियान के बारे में राज्य के पुलिस महानिदेशक जी.एस. मलिक ने कहा कि जुर्माना वसूलना गुजरात पुलिस का लक्ष्य नहीं है, बल्कि गुजरात के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। वाहन चालक और पीछे बैठने वाला व्यक्ति केवल पुलिस के डर से या जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपने परिवार की खुशियों के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट अवश्य पहनें। सड़क सुरक्षा केवल पुलिस की ही नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। महानिदेशक ने अपील की कि राज्य के सभी नागरिक ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें और जिम्मेदार नागरिक बनें।
सड़क दुर्घटनाओं के अनेक मामलों में यह देखा गया है कि केवल हेलमेट पहनने के कारण वाहन चालक की जान सुरक्षित बच गई। वहीं कई मामलों में “यदि हेलमेट पहना होता, तो आज हमारा प्रिय परिजन जीवित होता…” जैसी आजीवन पीड़ा परिवार को सहन करनी पड़ती है। गुजरात पुलिस नहीं चाहती कि किसी भी परिवार को ऐसा आघात झेलना पड़े। पुलिस द्वारा समय-समय पर ऐसे अभियान भी चलाए जाते हैं, जिनमें नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने के बजाय उन्हें गुलाब का फूल या हेलमेट देकर उसके महत्व के बारे में समझाया जाता है।
इस अभियान के दौरान यह भी साबित किया गया कि ट्रैफिक नियम केवल आम नागरिकों के लिए ही नहीं, बल्कि सभी के लिए समान हैं। सरकारी कार्यालयों के प्रवेश द्वार पर ट्रैफिक पुलिस तैनात कर नियमों का उल्लंघन करने वाले 5,123 सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए तथा उनसे 16.58 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया।
स्टेट ट्रैफिक ब्रांच द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, राज्यभर में चलाए गए इस अभियान के दौरान सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों सहित कुल 1.88 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए और 5.21 करोड़ रुपए की राशि जुर्माने के रूप में वसूली गई।
