@ भोपाल मध्यप्रदेश :-
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पुलिस मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में शनिवार को जोनल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिरीक्षकों की दो दिवसीय त्रैमासिक समीक्षा बैठक का उदघाटन किया। यह बैठक पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बैठक का शुभारंभ करते हुए प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण, नशामुक्ति, महिला-बाल सुरक्षा तथा सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को पुलिस विभाग की प्रमुख प्राथमिकताएं बताते हुए अधिकारियों को प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समाज का पुलिस पर विश्वास ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति और पूंजी है। वर्तमान समय में साइबर अपराध, संगठित अपराध, माफिया गतिविधियां, भूमि संबंधी अपराध तथा सामाजिक चुनौतियों के नए स्वरूप सामने आ रहे हैं। इनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी दक्षता, संवेदनशीलता तथा त्वरित कार्रवाई के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि साइबर अपराधों की रोकथाम एवं जनजागरूकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, मानव तस्करी पर नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में न्यायालयों द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में संचालित नशामुक्ति अभियान की सराहना करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा आमजन की सहभागिता से व्यापक जनजागरण अभियान संचालित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखने के लिए जागरूकता, संवाद और सामुदायिक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
डॉ. यादव ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय प्रबंधन की एक बड़ी चुनौती भी है। उन्होंने निर्देश दिए कि अभी से प्रशिक्षण, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, आपदा प्रबंधन तथा आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा मैदानी पुलिस कार्यों की त्रैमासिक भौतिक समीक्षा बैठक की नई व्यवस्था प्रारंभ की गई है, जिससे शासन की प्राथमिकताओं एवं जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप पुलिस कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होगी।
पुलिस महानिदेशक ने बताया कि प्रदेश में अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण तथा नई आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के सुदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न स्तरों पर बड़ी संख्या में भर्ती प्रक्रियाएं संचालित की जा रही हैं तथा लंबित पदोन्नति संबंधी मामलों के निराकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

उन्होंने कहा कि बाल सुरक्षा एवं बाल संरक्षण के क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर गत एक वर्ष के दौरान 14 हजार से अधिक गुम अवयस्क बालिकाओं को खोजनें में सफलता प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि नई आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन, साइबर अपराध नियंत्रण तथा बढ़ते कार्यभार को देखते हुए पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्षम, आधुनिक तथा तकनीक-संपन्न बनाया जा रहा है।
डीजीपी मकवाणा ने कहा कि सड़क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा एवं नशे के विरुद्ध अभियान विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि “नशे से दूरी है ज़रूरी” अभियान के प्रथम चरण को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ है तथा आगामी शैक्षणिक सत्र में इसके द्वितीय चरण को और अधिक व्यापक स्वरूप में संचालित किया जाएगा। आगामी तीन वर्षों में मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य है।
बैठक के दौरान नवीन आपराधिक विधियों के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गयी, साथ ही पूरे प्रदेश में पिछले 05 महीनों के आपराधिक परिदृश्य की समीक्षा, प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा, कानून व्यवस्था की भविष्य की चुनौतियों एवं उससे निपटने की तैयारी, सायबर वर्ल्ड में बढते आर्थिक अपराधों तथा वाहन दुर्घटनाओं का वर्तमान परिदृश्य एवं उनकी रोकथाम के उपाय पर विमर्श किया गया। साथ ही बालकों एवं महिलाओं के विरुद्ध लैंगिक अपराधों की वर्तमान स्थिति एवं उनमें कमी लाने के उपाय, अनुसूचित जाति जनजाति के सदस्यों के विरुद्ध होने वाली आपराधिक घटनाओं में कमी लाने के साथ-साथ उन्हें प्राप्त होने वाली प्रतिकर राशियों की पेंडेंसी की समीक्षा, पुलिस कर्मियों के विरुद्ध लंबित आपराधिक प्रकरणों एवं विभागीय जांचों की स्थिति की समीक्षा की गई।

बैठक के द्वितीय दिवस प्रशासन, प्रशिक्षण, दूरसंचार, योजना एवं प्रबंध, नारकोटिक्स, कल्याण, जीआरपी तथा टेक्निकल सर्विसेज शाखाओं द्वारा प्रस्तुतिकरण दिए जाएंगे।
इन प्रस्तुतिकरणों में पुलिस कर्मियों के समय पर स्थानांतरण एवं उनके रोटेशन की स्थिति, अनुकंपा नियुक्ति की पेंडेंसी, पुलिस कर्मियों की भर्ती एवं प्रशिक्षण की वर्तमान स्थिति एवं सिंहस्थ के समय पर पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित पुलिस कर्मियों को उपलब्ध कराने की तैयारियों की वर्तमान स्थिति, रेल्वे पुलिस की चुनौतियां, मादक पदार्थों की तस्करी व रोकथाम के लिए किए जा रहे उपाय तथा संगठित अपराधों की वर्तमान स्थिति, पुलिस कर्मियों के कल्याण की गतिविधियों और चिकित्सा प्रतिपूर्ति की राशि में वृद्धि पर लिए गए निर्णय का कियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। बैठक में नवीन आपराधिक विधियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए न्यायिक विज्ञान प्रयोगशालाओं की क्षमता वृद्धि, पुलिस दूरसंचार एवं डायल 112 इत्यादि विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी।
बैठक में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला, पुलिस मुख्यालय के समस्त विशेष पुलिस महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, प्रदेश के सभी जोनल अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक/पुलिस महानिरीक्षक तथा पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहें।
