@ नई दिल्ली :-
पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएफसी) और आरईसी लिमिटेड (आरईसी) के निदेशक मंडल ने कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 230 से 232 और अन्य लागू प्रावधानों के अंतर्गत आरईसी (हस्तांतरणकर्ता कंपनी) का पीएफसी (हस्तांतरिती कंपनी) में विलय करने की योजना को स्वीकृति दे दी है। इसमें उनके संबंधित शेयरधारक और लेनदार भी शामिल हैं। आरईसी का पीएफसी में विलय होने से 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कुल ऋण भंडार वाली एक वित्तपोषण इकाई का निर्माण होगा।

यह योजना लागू कानून के अंतर्गत आवश्यक सभी स्वीकृतियों और सहमतियों की प्राप्ति पर निर्भर है, जिसमें दोनों कंपनियों के संबंधित शेयरधारकों और लेनदारों तथा सभी प्रासंगिक नियामक और सरकारी प्राधिकरणों से अनुमोदन शामिल हैं और विलयित इकाई का कंपनी अधिनियम, 2013 के अंतर्गत ‘सरकारी कंपनी’ के रूप में अर्हता प्राप्त करना जारी रखना तथा भारत सरकार का विलयित इकाई में (प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से) बहुमत मतदान अधिकार और नियंत्रण बनाए रखना भी शामिल है।
योजना और मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, आरईसी के पीएफसी में प्रस्तावित विलय के लिए शेयर विनिमय अनुपात आरईसी के प्रत्येक 100 इक्विटी शेयरों (प्रत्येक 10 रुपये का) के बदले पीएफसी के 88 इक्विटी शेयर (प्रत्येक 10 रुपये का) जारी किए जाएंगे, जो पीएफसी और आरईसी (जैसा भी लागू हो) के बोर्डों द्वारा भविष्य में निर्धारित रिकॉर्ड तिथि पर आरईसी के शेयरधारकों को जारी किए जाएंगे।
सलाहकार
डेलॉयट टच तोहमात्सु इंडिया एलएलपी लेनदेन एवं कर सलाहकार के रूप में तथा सिरिल अमरचंद मंगलदास कानूनी सलाहकार के रूप में पीएफसी और आरईसी दोनों के लिए कार्य कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, पीएफसी द्वारा आरबीएसए वैल्यूएशन एडवाइजर्स एलएलपी तथा आरईसी द्वारा अर्न्स्ट एंड यंग मर्चेंट बैंकिंग सर्विसेज एलएलपी को संयुक्त मूल्यांकन रिपोर्ट प्रदान करने के लिए नियुक्त किया गया था। पीएफसी द्वारा एसबीआई कैपिटल मार्केट्स तथा आरईसी द्वारा नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट को संयुक्त मूल्यांकन रिपोर्टों पर अपनी-अपनी निष्पक्ष राय प्रदान करने के लिए नियुक्त किया गया था।
