@ कोलकाता पश्चिम बंगाल :-
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज पश्चिम बंगाल प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और राज्य के मंत्रीगण तथा केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कोलकाता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इसमें शिवराज सिंह द्वारा अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए और घोषणाएं की गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत का सपना, विकसित प. बंगाल के बिना पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने पुरानी स्थिति को याद करते हुए कहा कि पहले जब वे बंगाल आते थे तो विकास रुका हुआ दिखता था, केंद्र की योजनाएँ ठीक से नहीं पहुँचती थीं, लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और नए नेतृत्व के साथ बंगाल विकास और प्रगति की नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है।

इंफ्रास्ट्रक्चर: बड़े प्रोजेक्ट और पुरानी रुकावटों पर फैसला
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि प. बंगाल के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर अब केंद्र और राज्य दोनों मिलकर काम कर रहे हैं।
सड़क, हाईवे, रेलवे, मेट्रो और पाइपलाइन जैसे सेक्टरों में 82,000 करोड़ रु. से अधिक के काम चल रहे हैं जिन्हें पहले पर्याप्त राजनीतिक–प्रशासनिक समर्थन नहीं मिलता था, लेकिन अब उन्हें नई गति और दिशा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रु. के कई प्रोजेक्ट, जो सालों से अधर में लटके थे, उनकी बाधाएँ हटाकर उन्हें मंजूरी दी गई है ताकि लोगों को जल्दी फायदा मिल सके। चौहान ने इसे “बाधा से समाधान की ओर” की नीति बताते हुए कहा कि अब फाइलें नहीं, ज़मीन पर काम बोलेंगे।
ग्रामीण विकास और VB-G RAM G: रोजगार और आजीविका की नए ढांचे से सुरक्षा
ग्रामीण विकास पर बात करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि केंद्र सरकार ने प. बंगाल के लिए 8,508 करोड़ रु. से अधिक की राशि स्वीकृत की है। राज्य सरकार के हिस्से के साथ कुल संसाधन 12,064 करोड़ से ऊपर होंगे जो 31 मार्च तक पंचायतों के माध्यम से सीधे गांवों में जाएंगे रोजगार देने और गांवों के संपूर्ण विकास के लिए। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य सिर्फ 100 दिन का नहीं, “सवा सौ दिन का रोजगार” है, ताकि ग्रामीण परिवारों की आमदनी सुरक्षित रहे और किसी प्राकृतिक आपदा या स्थानीय संकट की स्थिति में प्रशासन अतिरिक्त काम और मदद दे सके। इसके साथ ही उन्होंने VB-G RAM G अधिनियम 2025 का उल्लेख किया जो 1 जुलाई से लागू होकर ग्रामीण रोजगार और आजीविका के लिए नया राष्ट्रीय फ्रेमवर्क दे रहा है; बंगाल में भी इसके तहत टिकाऊ परिसंपत्तियों- सड़क, तालाब, छोटे सिंचाई ढांचे, स्कूल–आंगनबाड़ी भवन पर खास ध्यान रहेगा।

आवास: 1 लाख मकान, तेज सर्वे और आवंटन
केंद्रीय मंत्री चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत प. बंगाल के लिए 1 लाख मकानों की अंतरिम स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि भारी बारिश की वजह से लाभार्थी सर्वे का काम तय समय तक पूरा नहीं हो पाया, इसलिए सर्वे की समय सीमा बढ़ाकर 15 अगस्त की गई है ताकि पात्र परिवारों की सही पहचान हो सके और कोई वंचित न रहे। शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि सर्वे और फिजिकल वेरिफिकेशन दोनों काम साथ साथ तेज़ी से चलते रहें और जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी हो, मकान आवंटन में देरी न हो, ताकि गरीबों के सिर पर जल्द से जल्द पक्की छत आ सके।
महिला स्वयं सहायता समूह: 295करोड़ रु. से नारी शक्ति को नई ताकत
दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत पश्चिम बंगाल के महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लिए वित्तीय मजबूती की घोषणा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि इन्हें 245 करोड़ रु. का बैंक लोन और 50 करोड़ रु. का कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बंगाल की ग्रामीण महिलाएँ बचत, क्रेडिट और छोटे–मध्यम उद्यमों के ज़रिए परिवार की अर्थव्यवस्था बदल रही हैं और यह वित्तीय समर्थन उन्हें उत्पादन, प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और मार्केटिंग में नया भरोसा देगा।
मालदा क्लीन प्लांट: रोगमुक्त पौधे और फलोत्पादन का अपग्रेड
क्लीन प्लांट प्रोग्राम के तहत देशभर में 9 क्लीन प्लांट सेंटर शुरू किए जाने की अपनी राष्ट्रीय घोषणा के संदर्भ में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मालदा जैसे फल समृद्ध क्षेत्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। मालदा क्लीन प्लांट/ग्रीन प्लांट सुविधा का उद्देश्य आम, लीची और अन्य फलों के लिए रोगमुक्त, उच्च गुणवत्ता वाले पौधे तैयार करना है ताकि किसानों को बेहतर पौध, अच्छी पैदावार और निर्यात–गुणवत्ता के फल मिल सकें। उन्होंने बताया कि क्लीन प्लांट प्रोग्राम के तहत आधुनिक नर्सरी सिस्टम बनाया जा रहा है जिसमें बड़ी नर्सरी को 3 करोड़ रु. और मध्यम नर्सरी को 1.5 करोड़ रु. तक की सहायता दी जाएगी ताकि हर साल करोड़ों क्लीन प्लांट किसानों तक पहुँच सकें।

राइस–मक्का–ऑर्किड वैल्यू चेन और सीड हब
शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम बंगाल के “राइस बाउल” क्षेत्रों में पोषण संवर्धन, वैल्यू चेन विकास और प्रोसेसिंग सुविधाओं के लिए विशेष प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की जानकारी भी दी। इन प्रोजेक्ट्स के तहत पोषणयुक्त धान, मक्का बीज उत्पादन, स्टोरेज–प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर काम होगा ताकि किसानों को ज्यादा दाम और स्थिर बाजार मिल सके।
उन्होंने यह भी कहा कि प. बंगाल को पूर्वी भारत का “सीड हब” बनाया जाएगा- आलू बीज, हाइब्रिड मक्का बीज और अन्य फसलों के बीज उत्पादन के लिए राज्य सरकार के साथ एमओयू साइन किए गए हैं। इसके साथ ही ऑर्किड और बागवानी के लिए प्रोजेक्ट्स स्वीकृत हैं, जिससे विशेष जलवायु वाले इलाकों में फुलों और उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती से किसानों की आमदनी बढ़ेगी।
वैज्ञानिक कृषि रोडमैप और रिसर्च सेंटर
केंद्रीय मंत्री चौहान ने बताया कि आईसीएआर, राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों और वैज्ञानिकों के साथ मिलकर प. बंगाल के लिए एक वैज्ञानिक “एग्रीकल्चर रोडमैप” तैयार किया जा रहा है। इसमें एग्रो–क्लाइमेटिक कंडिशन्स, मिट्टी, पानी और स्थानीय संसाधनों की स्थिति के आधार पर कौन सी फसल कहाँ, किस तकनीक से और किस वैल्यू चेन मॉडल के साथ लगानी है, इसका विस्तार से खाका तैयार होगा। उन्होंने यह भी कहा कि चावल अनुसंधान केंद्रों को “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” के रूप में विकसित करने पर काम हो रहा है ताकि पश्चिम बंगाल धान, आलू और मक्का जैसे क्षेत्रों में रिसर्च–ड्रिवन उत्पादन का मॉडल बन सके।
प्रधानमंत्री फसल बीमा और KCC का भी लाभ
शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प. बंगाल के किसानों को बड़े पैमाने पर जोड़ा जाएगा ताकि कोई भी किसान प्राकृतिक आपदा या फसल खराब होने पर बिना सुरक्षा के न रहे। उन्होंने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) अभी तक सीमित किसानों तक था, इसलिए नाबार्ड और बैंकों के सहयोग से गांव–गांव कैंप लगाकर KCC बनाए जाएंगे ताकि किसानों को सस्ता संस्थागत ऋण मिल सके और साहूकारों पर निर्भरता खत्म हो। केंद्र सरकार कदम से कदम और कंधे से कंधा मिलाकर राज्य के साथ काम करेगी ताकि बंगाल प्रगति और विकास में देश में नंबर वन बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़े।

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