@ नई दिल्ली :-
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुषों के हैवीवेट वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत का पदक खाता खोला। उनकी इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने बधाई देते हुए इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, झंडू कुमार का शानदार प्रदर्शन। उन्होंने पुरुषों के हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए पदक का खाता खोला है। झंडू को बधाई। उनकी यह उपलब्धि उनकी जबरदस्त ताकत, अटूट संकल्प और वर्षों की अनुशासित मेहनत का बेहतरीन उदाहरण है। हर चुनौती का सामना करते हुए और अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करके उन्होंने पूरे देश का मान बढ़ाया है और अनगिनत भारतीयों को प्रेरित किया है।
केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी झंडू कुमार को बधाई दी। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, भारत के लिए ब्रॉन्ज। झंडू कुमार ने पुरुषों के हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग में 190 किलोग्राम का शानदार भार उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला पदक जीता। पूरे देश को उन पर गर्व है।
ब्रॉन्ज मेडल तक पहुंचने का झंडू कुमार का सफर आसान नहीं रहा। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें एक समय ई-रिक्शा चलाकर और सब्जियां बेचकर परिवार का गुजारा करना पड़ा। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और लगातार मेहनत जारी रखी।
झंडू कुमार ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, मैंने अपना गुजारा करने के लिए ई-रिक्शा चलाया, सब्जियां बेचीं और बहुत संघर्ष किया। हालांकि, मैंने अपना सपना कभी नहीं छोड़ा। मुझे हमेशा विश्वास था कि एक दिन मैं अपने देश के लिए जरूर मेडल जीतूंगा। उन्होंने कहा कि यह पदक सिर्फ उनका नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का है जिन्होंने कठिन समय में उन पर भरोसा बनाए रखा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह सफलता उन्हें भविष्य में भारत के लिए और बड़े मंचों पर बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देगी।
पुरुषों के हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग मुकाबले में नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने रजत पदक अपने नाम किया। झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीतकर भारत को प्रतियोगिता का पहला पदक दिलाया।
