12वें दिन 1,500 से अधिक जागरूकता कार्यक्रमों से लाखों नागरिकों तक पहुंचा नशामुक्ति का संदेश

@ भोपाल मध्यप्रदेश :-

मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ के 12वें दिन प्रदेशभर में जनभागीदारी का उत्साह निरंतर बढ़ता रहा। अभियान के अंतर्गत पुलिस, विभिन्न शासकीय विभागों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, व्यापारिक संगठनों तथा स्थानीय नागरिकों के सहयोग से 1,500 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से लाखों नागरिकों तक नशे के दुष्प्रभावों एवं नशामुक्त जीवन के महत्व का संदेश पहुंचाया गया।

अभियान के दौरान पुलिस द्वारा बाजारों, हाट-बाजारों, शॉपिंग मॉल, सार्वजनिक स्थलों, विद्यालयों, छात्रावासों, खेल मैदानों, धार्मिक स्थलों एवं ग्राम पंचायतों में संवाद कार्यक्रम आयोजित कर नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। नागरिकों को स्वयं नशे से दूर रहने तथा परिवार एवं समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प भी दिलाया गया।

इंदौर नगरीय में पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में 10 किलोमीटर मैराथन एवं डिजिटल शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। अवेयरनेस रथ, एलईडी स्क्रीन, सिनेमाघरों, शैक्षणिक संस्थानों तथा एनसीसी कैडेट्स के सहयोग से व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। प्रसिद्ध भारतीय क्रिकेटर रजत पाटीदार ने भी इंदौर पुलिस की मैराथन में सहभागिता कर युवाओं को फिटनेस अपनाने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया।

भोपाल में “रन फॉर लाइफ” मैराथन में लगभग 6 हजार प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर नशामुक्त, स्वस्थ एवं सुरक्षित समाज का संकल्प लिया। आईएसबीटी गोविंदपुरा में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया, वहीं पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) ने रेड एफएम के माध्यम से प्रदेशवासियों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की।

अनूपपुर जिले में फुटबॉल मैदान, खेल परिसर, बस स्टैंड एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खिलाड़ियों और विद्यार्थियों के बीच विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। रंगोली एवं पेंटिंग प्रतियोगिताएं, वृक्षारोपण तथा सामूहिक शपथ कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।

अलीराजपुर में कस्तूरबा गांधी छात्रावास की बालिकाओं को नशे के दुष्प्रभावों के साथ लैंगिक अपराधों के प्रति भी जागरूक किया गया। नर्मदा घाट पर श्रद्धालुओं, साप्ताहिक हाट-बाजारों तथा छात्रावासों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

ग्वालियर जिले में व्यापारिक संगठनों, नगर सुरक्षा समितियों एवं सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के 79 स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, यातायात चौराहों एवं ग्रामों में नागरिकों को नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया गया तथा सामूहिक शपथ दिलाई गई।

सिवनी में कलम फाउंडेशन के सहयोग से प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया तथा विद्यालयों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में जागरूक किया गया।

23वीं वाहिनी, भोपाल द्वारा नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित लघु फिल्म तैयार कर सोशल मीडिया के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाई गई।

आगर मालवा, गुना, खरगोन और छतरपुर में व्यापारिक संगठनों, एनजीओ, नगर एवं ग्राम सुरक्षा समितियों तथा सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और हाट-बाजारों में नशा विरोधी जनसंवाद आयोजित किए गए। पुलिस अधिकारियों ने आमजन को नशे के सामाजिक एवं पारिवारिक दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशामुक्त समाज निर्माण में सहभागी बनने की अपील की।

उज्जैन में सार्वजनिक स्थलों एवं बाजार क्षेत्रों में जनसंवाद आयोजित किए गए। उमरिया में जागरूकता कार्यक्रमों के साथ वीडियो संदेशों का व्यापक प्रसारण किया गया, जबकि कटनी में बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नशा विरोधी संवाद के माध्यम से युवाओं एवं नागरिकों को जागरूक किया गया।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान के माध्यम से लगातार जनसहभागिता बढ़ रही है। अभियान का उद्देश्य केवल नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक को नशामुक्त, स्वस्थ एवं सुरक्षित मध्यप्रदेश के निर्माण में सहभागी बनाना भी है। प्रदेशभर में नागरिकों का उत्साह और सहयोग इस अभियान को एक प्रभावी जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

LIVE OFFLINE
track image
Loading...