@ कमल उनियाल उत्तराखंड :-
कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पी वी छेत्री (रिटायर्ड कमांडेंट BSF) एवं प्राचार्य प्रो. हरीश चंद्र ने तिरंगे को फूलों से सजाए गए स्तम्भ पर फहराया। ध्वजारोहण के साथ ही सभी प्राध्यापकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रगान गाया एवं राष्ट्रीय गीत के साथ तिरंगे को सलामी दी।

ध्वजारोहण के बाद छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। “वंदे मातरम” और “भारत माता की जय” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
डॉ कविता अलाहावत द्वारा उच्च शिक्षा निदेशक हल्द्वानी के द्वारा प्रेसित शुभकामना संदेश को पढ़ा गया । जिसके उपरांत अमर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की गई ।
मुख्य अतिथि पी वी छेत्री ने अपने उद्बोधन में स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद किया। उन्होंने छात्र- छात्राओं से कहा कि _”स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए हमें शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित होना होगा।”
प्राचार्य प्रो. हरीश चंद्र ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता दिवस पर उन वीर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हैं जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें आजादी दिलाई। स्वतंत्रता केवल एक दिन का उत्सव नहीं है, यह एक जिम्मेदारी है। आजादी के बाद देश के निर्माण में युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका है।
आप सभी छात्राएं देश का भविष्य हैं। शिक्षा के साथ-साथ चरित्र, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम को अपनाएं। ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को पूरा करने में आप सभी का योगदान आवश्यक है।
हमें जाति, भाषा और क्षेत्र के भेद भुलाकर एकता और भाईचारे के साथ आगे बढ़ना है, तभी हम बाबा साहेब और गांधी जी के सपनों का भारत बना पाएंगे। जय हिन्द, जय भारत!”
अन्य वक्ताओं मे डॉ मणिकांत शाह, डॉ दिवाकर, डॉ भगवत रावत के द्वारा छात्रों को आजादी के इतिहास के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी गई। छात्र- छात्राओं द्वारा देशभक्ति पर आधारित गीत, नृत्य एवं भाषण की बहुत सुंदर प्रस्तुति दी गई ।
कार्यक्रम का संचालन डॉ महेशनंद नोडियाल के द्वारा किया गया जिन्होंने कार्यक्रम के अंत में सभी ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता बनाए रखने की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कार्यालय के अधिकारी एवं उपाधिकारी, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र- छात्राएं उपस्थित रहीं।
