@ जयपुर राजस्थान :-
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया और राजस्थान सरकार के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर इस पवित्र भूमि पर डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की लागत से उनकी 21 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि आज 15 जिलों में 5755 करोड़ रुपये के 944 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन हुआ।
अमित शाह ने कहा कि 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर बार की तरह भव्य आयोजन हुए, लेकिन इनमें एक बड़ा परिवर्तन हुआ। आजादी के 80 साल बाद लाल किले की प्राचीर और देश भर में हुए स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों में पहली बार ‘वंदे मातरम’ का गान हुआ।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मुख्य विपक्षी पार्टी के मुख्यालय पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान पार्टी की प्रमुख नेता ने ‘वंदे मातरम्’ को बीच में रोकने को कहकर उसका अपमान किया है, इसके लिए जनता उन्हें माफ नहीं करेगी। शाह ने कहा कि 80 साल बाद बंकिम बाबू के अमर मंत्र और अमर गान को फिर से सम्मान प्राप्त होना विपक्ष को रास नहीं आ रहा है। उन्होंने विपक्षी पार्टी की प्रमुख नेता से कहा कि देश की 140 करोड़ जनता आपको देख रही है। आपके द्वारा किया गया यह पाप इस देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। कोई स्वप्न में भी कैसे सोच सकता है कि ‘वंदे मातरम्’ का गान अधूरा छोड़ दिया जाए।
अमित शाह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी बाल्यकाल से ही राष्ट्रभक्ति के पथ पर चले, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बने, जनसंघ के कार्यकर्ता बने और सिर्फ 33 साल की आयु में बलरामपुर से सांसद चुने गए। उन्होंने कहा कि अटल जी चार दशक तक विपक्ष में रहे, मगर विचार राष्ट्रभक्ति का रहा, राष्ट्र प्रथम का रहा और विचार के आधार पर ही उनका जीवन चला। वे जेल भी गए, लाठियां भी खाईं, सत्तारूढ़ पार्टी के अत्याचारों को भी सहा, मगर कभी सिद्धांत नहीं छोड़ा। जब अटल बिहारी वाजपेयी जी प्रधानमंत्री बने, तो वे देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री थे जो कभी मुख्य विपक्षी पार्टी के सदस्य नहीं रहे थे।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह ने कहा कि अटल जी ने 6 साल के अपने अल्प कार्यकाल में सबसे बड़ा काम जनजातीय कार्य मंत्रालय की स्थापना का किया। अटल जी से पहले इस देश की जनजातियों के लिए कोई अलग मंत्रालय नहीं था। अटल जी ने पहली बार जनजातीय कार्य मंत्रालय गठित किया और उसका परिणाम है कि आज एक गरीब आदिवासी परिवार की बेटी महामहिम मती द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति के रूप में राष्ट्रपति भवन को शोभायमान कर रही हैं।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमेशा आदिवासी कल्याण को आगे बढ़ाया। अनुसूचित जनजाति कंपोनेंट का बजट पहले मात्र 25,000 करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ा कर 1,25,000 करोड़ रुपये तक किया। भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिन को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने की शुरुआत की। छत्तीसगढ़, ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री बनाए। 10 आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों का संग्रहालय बनाया और 722 एकलव्य विद्यापीठ खोले, जिसकी शुरुआत अटल जी ने की थी। गृह मंत्री ने कहा कि अटल जी पत्रकार बने तो कलम से राष्ट्रवाद को आगे बढ़ाया। कवि बने तो शब्दों से राष्ट्रभक्ति को आगे बढ़ाया। प्रधानमंत्री बने तो राष्ट्र की सुरक्षा और सुशासन को आगे बढ़ाया। ना सत्ता में रहते सिद्धांत छोड़ा, ना विपक्ष में रहते ही सिद्धांत छोड़ा। ऐसे विरले नेता कभी-कभार ही जन्म लेते हैं। इसीलिए अटल जी को हमेशा ‘अजातशत्रु’ के तौर पर जाना जाता है।
अमित शाह ने कहा 36 नई पॉलिसी बनी हैं। रोजगार मेलों में 1,78,000 नौकरियां दी गई हैं और 450 रुपये से भी कम में गैस सिलिंडर देने का काम किया गया है। अब तक 1 हजार 128 करोड़ रुपये की गैस सिलिंडर सब्सिडी दी गई है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले 5 लाख रुपये तक के मुफ़्त इलाज की सुविधा में बढ़ोतरी करके भजन लाल सरकार ने 45 लाख लोगों को प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री आयुष आरोग्य योजना का लाभ दिया है। लाडो प्रोत्साहन योजना दी है। पूरे राजस्थान को हरियाली से परिपूर्ण करने का अभियान चलाया है।
अमित शाह ने कहा कि राजस्थान में विपक्ष के प्रमुख नेता आपस में लड़ते रहते हैं, जबकि हमारी पार्टी के नेता जनता से मिले आशीर्वाद का मान रखते हुए जनता की सेवा करती है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी जी और भजन लाल शर्मा जी के कार्यकाल में राजस्थान बहुत आगे बढ़ने वाला है।
