@ नई दिल्ली :-
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार बिहार दौरे के दौरान नालंदा पहुंचे, जहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक खंडहरों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से संवाद कर चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। विश्व धरोहर स्थल पर पहुंचने पर जिला प्रशासन तथा पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त का स्वागत किया।

नालंदा पहुंचने के बाद सीईसी ज्ञानेश कुमार ने ऐतिहासिक परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में मौजूद प्राचीन संरचनाओं, अवशेषों और नालंदा के गौरवशाली इतिहास के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने कहा कि नालंदा जैसी ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध धरोहर पर आना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह स्थल भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, संस्कृति और शिक्षा के वैश्विक प्रभाव की याद दिलाता है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने बूथ लेवल अधिकारियों की भूमिका को लोकतंत्र की बुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि बीएलओ मतदाता सूची को बेहतर और अधिक विश्वसनीय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बीएलओ से संवाद को अपने लिए सौभाग्य की बात बताते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया को मजबूत बनाने में जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।
ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट भी मतदाता सूची की जांच और ऑडिट की प्रक्रिया में भाग लेते हैं। उन्होंने बताया कि बीएलओ के साथ मतदाता सूची के सत्यापन, राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट और पोलिंग एजेंट की भूमिका तथा चुनाव प्रक्रिया के दौरान होने वाले विभिन्न ऑडिट पर चर्चा की गई।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि मतदाता सूची में पारदर्शिता बनाए रखना चुनाव आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल है। मतदाताओं के नाम, विवरण और पात्रता से संबंधित जानकारी को सही रखना जरूरी है, ताकि कोई पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न हो और चुनावी प्रक्रिया में विश्वसनीयता बनी रहे।
नालंदा के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए ज्ञानेश कुमार ने कहा कि इस धरती पर पहुंचकर यह एहसास होता है कि हजारों वर्ष पहले भारत की संस्कृति और ज्ञान की प्रतिष्ठा केवल देश तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरी दुनिया में भारत की ज्ञान परंपरा का प्रभाव था। उन्होंने कहा कि नालंदा जैसी धरोहर भारत के गौरवशाली अतीत की जीवंत पहचान है और यहां आकर होने वाले गर्व को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है।
ज्ञानेश कुमार ने दावा किया कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दर्ज मतदान प्रतिशत अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, स्पेन और जापान के आम चुनावों में दर्ज मतदान प्रतिशत से भी अधिक रहा। उन्होंने बिहार के मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए लोकतंत्र की जननी माने जाने वाले वैशाली के मतदाताओं को भी नमन किया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती केवल चुनाव आयोग या राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें मतदाताओं, बीएलओ, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका होती है। उन्होंने मतदाता सूची की शुद्धता, मतदान में अधिक से अधिक भागीदारी और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लोकतंत्र की मजबूती के लिए आवश्यक बताया।
नालंदा दौरे के दौरान सीईसी का ऐतिहासिक धरोहर का निरीक्षण और बीएलओ के साथ संवाद चुनावी व्यवस्था के साथ-साथ भारत की समृद्ध ज्ञान एवं सांस्कृतिक विरासत के महत्व को भी रेखांकित करता है। इस अवसर पर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
