@ कमल उनियाल जयहरीखाल उत्तराखंड :-
कहा जाता है इस संसार में कोई भी जन्म से न ही प्रतिभावान ,गुणवान और न ही बुद्धिमान होता है, मनुष्य अपनी कड़ी मेहनत और सच्ची लगन से किए गये अपने कार्यो को इतना अधिक ऊंचा कर लेता है कि समाज में उसे और उसके काम को मान-सम्मान और ख्याति तो मिलती ही है, साथ ही वो दूसरे लोगों के लिए भी आदर्श बन जाते हैं।

कहते हैं प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती है। प्रतिभा के लिए गांव या शहर नहीं बल्कि खुद की मेहनत और लगन रंग लाती है। यदि ऐसा करने के लिए कोई ठान ले तो उसका आशानुरूप परिणाम मिलता ही है।अपने लेखन का लोहा मनवा चुकी, ऐसी ही शख्यितों में एक नाम सामने उभरकर आता है,देवभूमि उत्तराखंड की बेटी तनीषा रावत का ।
भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जयहरीखाल के हिंदी विभाग की छात्रा तनीषा रावत ने लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी-नेट) उत्तीर्ण कर महाविद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, गुरुजनों, सहपाठियों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।
तनीषा रावत ने मेहनत, लगन और निरंतर अध्ययन के बल पर यह सफलता हासिल की। लगातार तीसरी बार यूजीसी-नेट उत्तीर्ण करना उनकी शैक्षिक प्रतिभा और विषय के प्रति समर्पण को दर्शाता है। तनीषा ने अपनी सफलता का श्रेय महाविद्यालय के सकारात्मक अकादमिक वातावरण तथा प्राध्यापकों के मार्गदर्शन और सहयोग को दिया।
महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. लवनी रानी राजवंशी ने तनीषा को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता उनके निरंतर परिश्रम और लगन का परिणाम है। ऐसी उपलब्धियां अन्य छात्र-छात्राओं को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती हैं।
तनीषा की सफलता पर उनके परिजनों, गुरुजनों, सहपाठियों और क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। उनकी उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं के लिए भी प्रेरणादायी है।
भैड़गाँव संगलाकोटी, पौड़ी गढ़वाल निवासी मिलनसार हंसमुख स्वभाव की तनीषा रावत बताती हैं की मेरी मेहनत और अपने परिवार मे खास तौर से माँ वनीता देवी और पिता मनमोहन सिंह रावत का पूरा -पूरा सहयोग और योगदान मानती है,वह मानती है की किसी भी क्षेत्र में फैमिली के स्पोट के बिना सफल होना संभव नहीं होता और मेरी फैमिली नें मुझे पूरा सपोर्ट करती है।
