@ नई दिल्ली :-
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में दिल्ली पुलिस ने पड़ोसी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ अंतरराज्यीय बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना, खुफिया सूचनाओं का समयबद्ध आदान-प्रदान सुनिश्चित करना और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखना रहा।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 11 से 13 सितंबर तक आयोजित किया जाना निर्धारित है। सम्मेलन में विभिन्न देशों के शीर्ष नेताओं और महत्वपूर्ण प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। राजधानी में आने-जाने वाले वाहनों और व्यक्तियों की निगरानी के साथ-साथ दिल्ली की सीमाओं पर भी सुरक्षा जांच को बढ़ाने की योजना पर चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने की। इसमें हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन के दौरान किसी भी संभावित सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखना बेहद जरूरी है।
ठक में खुफिया जानकारी साझा करने को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या गतिविधि से संबंधित सूचना मिलने पर उसे संबंधित राज्यों और दिल्ली पुलिस के साथ तत्काल साझा किया जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। सीमावर्ती क्षेत्रों में जांच व्यवस्था को मजबूत करने और संदिग्ध लोगों तथा वाहनों के सत्यापन की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर भी विचार किया गया।
सम्मेलन के मद्देनजर दिल्ली की सीमाओं से राजधानी में प्रवेश करने वाले वाहनों पर विशेष निगरानी रखने की आवश्यकता जताई गई। अधिकारियों ने कहा कि संदिग्ध गतिविधियों की पहचान के लिए राज्यों की स्थानीय पुलिस इकाइयों के बीच बेहतर सूचना तंत्र विकसित किया जाना जरूरी है। दिल्ली पुलिस ने पड़ोसी राज्यों से आग्रह किया कि यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति या वाहन के दिल्ली की ओर बढ़ने की जानकारी मिले तो उसकी सूचना पहले से उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में यह भी तय किया गया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में जांच और सत्यापन के दौरान आपसी समन्वय को प्राथमिकता दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सुरक्षा व्यवस्था को केवल दिल्ली तक सीमित रखने के बजाय आसपास के राज्यों के साथ संयुक्त रूप से मजबूत करना आवश्यक है। इससे किसी भी संभावित खतरे को राजधानी की सीमा तक पहुंचने से पहले चिन्हित करने में मदद मिलेगी।
बैठक में खुले क्षेत्रों में ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुओं की आवाजाही को लेकर भी चर्चा हुई। सम्मेलन जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान अनधिकृत ड्रोन गतिविधियां सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती हैं। ऐसे में अधिकारियों ने खुले और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने तथा संदिग्ध उड़ने वाली वस्तुओं की सूचना तुरंत साझा करने पर जोर दिया।
अधिकारियों ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में संदिग्ध ड्रोन गतिविधि या अन्य असामान्य गतिविधि सामने आती है तो संबंधित एजेंसियों के बीच तत्काल संपर्क स्थापित किया जाना चाहिए। इसके लिए विभिन्न राज्यों और दिल्ली पुलिस के बीच संचार व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
अंतरराज्यीय बैठक में दिल्ली पुलिस के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें कानून एवं व्यवस्था, विशेष प्रकोष्ठ, यातायात, सुरक्षा, अपराध, परिवहन और खुफिया विभाग से जुड़े विशेष पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी शामिल थे। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर सम्मेलन के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया गया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सम्मेलन की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की लगातार समीक्षा की जा रही है। किसी भी संभावित खतरे की जानकारी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एजेंसियों के साथ साझा किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर राज्यों के बीच अतिरिक्त समन्वय बैठकें भी आयोजित की जा सकती हैं।
दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने अधिकारियों से कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सम्मेलन के कारण आम जनता को न्यूनतम असुविधा हो। उन्होंने सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के दौरान नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखने पर जोर दिया।
पुलिस का उद्देश्य सम्मेलन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। इसके लिए दिल्ली के अलावा आसपास के राज्यों की पुलिस और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों के बीच लगातार संपर्क बनाए रखने की रणनीति तैयार की गई है। अधिकारियों के अनुसार, खुफिया जानकारी का त्वरित आदान-प्रदान, सीमाओं पर प्रभावी जांच, संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों का सत्यापन तथा ड्रोन गतिविधियों पर निगरानी सम्मेलन की सुरक्षा व्यवस्था के प्रमुख हिस्से होंगे।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। अंतरराज्यीय बैठक को इसी व्यापक सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। दिल्ली पुलिस और पड़ोसी राज्यों के बीच बेहतर तालमेल से सम्मेलन के दौरान किसी भी संभावित सुरक्षा चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने में मदद मिलने की उम्मीद है।
