उत्तराखंड मीडिया संगठन दिल्ली-एनसीआर के गठन की प्रक्रिया तेज, अमरचंद अध्यक्ष निर्वाचित

@ नई दिल्ली :-

उत्तराखंड मीडिया जगत से जुड़े पत्रकारों को दिल्ली-एनसीआर में एक मजबूत, संगठित और प्रभावी मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रस्तावित उत्तराखंड मीडिया संगठन, दिल्ली-एनसीआर के गठन की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। संगठन के गठन को लेकर पिछले कई दिनों से लगातार बैठकों और विचार-विमर्श का दौर चल रहा था। इसी क्रम में मंगलवार को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित चौथी महत्वपूर्ण बैठक में संगठन के पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चयन किया गया।

संगठन के गठन की दिशा में पहली बैठक अल्मोड़ा भवन में आयोजित की गई थी। इसके बाद प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में बैठक हुई और संगठन के स्वरूप, उद्देश्य, सदस्यता, कार्यक्षेत्र तथा भावी कार्ययोजना को लेकर पत्रकारों के बीच व्यापक चर्चा की गई। इसके बाद भी आपसी विचार-विमर्श और उपबैठकों का सिलसिला जारी रहा। लगातार हुई बैठकों के बाद अब संगठन को औपचारिक और मजबूत स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित चौथी बैठक में उत्तराखंड मीडिया जगत से जुड़े पत्रकारों ने संगठन की भावी भूमिका और उसकी प्राथमिकताओं पर विस्तार से विचार किया। बैठक में सभी सदस्यों ने आपसी सहमति और समन्वय के साथ संगठन को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। इसी दौरान अमर संदेश के संपादक अमरचंद को सर्वसम्मति से संगठन का अध्यक्ष चुना गया।

पदाधिकारियों के चयन के तहत हरीश रावत को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। वहीं योगेश भट्ट, पूनम बिष्ट और प्रजा दत्त डबराल को उपाध्यक्ष चुना गया। संगठन के महासचिव पद की जिम्मेदारी राजेश डंडरियाल को सौंपी गई, जबकि दीप सिलोडी को सचिव और डी.एस. नेगी को कोषाध्यक्ष चुना गया। सत्येंद्र सिंह नेगी को मीडिया प्रभारी, विनोद मनकोटि को संगठन सचिव, द्वारिका प्रसाद चमोली को प्रचार-प्रसार सचिव तथा रूप सिंह गुस्साई को सांस्कृतिक सचिव की जिम्मेदारी दी गई।

बैठक में मनोज कोठारी, राजू बोरा और अतुल सहित अन्य पत्रकारों को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में शामिल किया गया। संगठन के अन्य पदाधिकारियों एवं सदस्यों के नामों को अंतिम सूची में शामिल किए जाने की प्रक्रिया भी जारी रहेगी। बैठक में विशेष अतिथि के तौर पर पौड़ी गढ़वाल के ग्रामीण पत्रकार जगनमोहन डांगी को आमंत्रित किया गया था।

पत्रकारों के हितों की आवाज बनेगा संगठन

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि संगठन का उद्देश्य केवल दिल्ली-एनसीआर में रह रहे उत्तराखंड के पत्रकारों को एक मंच पर लाना नहीं है, बल्कि पत्रकारों की वाजिब मांगों, समस्याओं और अधिकारों को प्रशासन, सरकार तथा समाज तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना भी है। संगठन पत्रकारों के हितों से जुड़े विषयों को मजबूती से उठाने के साथ-साथ पत्रकारिता के मूल मूल्यों और जनहित के मुद्दों को भी प्राथमिकता देगा।

वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारों के सामने पेशेवर चुनौतियों के साथ-साथ कई सामाजिक और आर्थिक समस्याएं भी सामने आती हैं। ऐसे में एक संगठित मंच पत्रकारों को अपनी समस्याओं को उचित स्तर तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करने में मददगार साबित हो सकता है। संगठन का प्रयास रहेगा कि पत्रकारों के बीच आपसी सहयोग और समन्वय की भावना को मजबूत किया जाए।

सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने पर जोर

बैठक में संगठन की भूमिका को केवल पत्रकारों के हितों तक सीमित न रखते हुए व्यापक जनसरोकारों से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों और सदस्यों ने कहा कि उत्तराखंड सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों की जानकारी आम जनता तथा दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडियों तक पहुंचाने का काम भी संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल होगा।

इसके साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली कमियों, प्रशासनिक स्तर की समस्याओं और आम लोगों की परेशानियों को भी पत्रकारिता के माध्यम से प्रमुखता से उठाया जाएगा। संगठन का प्रयास रहेगा कि प्रशासन और जनता के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में पत्रकारिता की भूमिका को प्रभावी बनाया जाए।

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि किसी भी सरकारी योजना का वास्तविक लाभ तभी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकता है, जब लोगों को उसके बारे में सही और समय पर जानकारी मिले। ऐसे में पत्रकारिता के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाने और योजनाओं के जमीनी प्रभाव को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।

प्रवासी उत्तराखंडियों के मुद्दों को मिलेगी प्राथमिकता

उत्तराखंड मीडिया संगठन, दिल्ली-एनसीआर के कार्यक्षेत्र में राजधानी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रहने वाले उत्तराखंड मूल के प्रवासियों से जुड़े सामाजिक, सांस्कृतिक और जनहित के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाने पर सहमति बनी।

बैठक में कहा गया कि दिल्ली-एनसीआर में बड़ी संख्या में उत्तराखंड के लोग विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी सामाजिक, सांस्कृतिक और क्षेत्रीय गतिविधियों को सकारात्मक रूप से सामने लाने के साथ-साथ उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को भी पत्रकारिता के माध्यम से व्यापक मंच उपलब्ध कराया जा सकता है।

संगठन समय-समय पर जन-जागरूकता अभियानों को गति देने का प्रयास करेगा। इसके जरिए सामाजिक सरोकारों, जनहित के विषयों और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े मुद्दों को व्यापक स्तर पर सामने लाने की योजना है। संगठन का मानना है कि पत्रकारिता की सकारात्मक भूमिका समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए।

मतभेदों के बाद एकजुटता पर जोर

संगठन के गठन को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही आपसी चर्चाओं और प्रक्रिया में हुए विलंब के बाद हुई इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में उपस्थित पत्रकारों ने सभी मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए संगठन को एकजुटता और आपसी समन्वय के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

सदस्यों ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता उसके पदाधिकारियों से अधिक उसकी सामूहिक भावना, पारदर्शिता, निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर निर्भर करती है। इसलिए संगठन में सभी पत्रकारों की सहभागिता सुनिश्चित करने, पत्रकारिता के मूल्यों को प्राथमिकता देने और जनहित के प्रति प्रतिबद्ध रहने की आवश्यकता है।

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि संगठन किसी व्यक्ति विशेष या सीमित समूह का मंच नहीं होना चाहिए। इसे व्यापक रूप से सभी पत्रकारों की समस्याओं और आवाज को उठाने वाला मंच बनाया जाना चाहिए। संगठन के संचालन में आपसी विश्वास, संवाद और लोकतांत्रिक भावना को प्रमुख आधार बनाने की बात कही गई।

अध्यक्ष अमरचंद ने जताया आभार

नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमरचंद ने सभी पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन को किसी व्यक्ति विशेष का मंच बनाने के बजाय हर पत्रकार की आवाज और जनहित का सशक्त माध्यम बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से काम करेगा और दिल्ली-एनसीआर में रह रहे उत्तराखंड के प्रवासी समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

अमरचंद ने कहा कि संगठन की मजबूती सभी सदस्यों की एकजुटता और सक्रिय सहभागिता पर निर्भर करेगी। उन्होंने पत्रकारों से संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में सहयोग देने का आह्वान किया और विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से संगठन को एक प्रभावी और विश्वसनीय मंच के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।

नई कार्यकारिणी को मिला सहयोग का भरोसा

बैठक के अंत में उपस्थित पत्रकारों ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष और सभी पदाधिकारियों को बधाई दी। सदस्यों ने संगठन को मजबूत, प्रभावी और सक्रिय बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।

बैठक में यह भावना स्पष्ट रूप से सामने आई कि संगठन की प्राथमिकता पत्रकारों के हितों की रक्षा के साथ-साथ समाज और जनहित से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से उठाना होगी। पत्रकारों ने उम्मीद जताई कि संगठन आने वाले समय में दिल्ली-एनसीआर में उत्तराखंड के पत्रकारों को एकजुट करने, उनकी समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाने और प्रवासी उत्तराखंडियों के सामाजिक-सांस्कृतिक सरोकारों को आवाज देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस प्रकार प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में हुई चौथी बैठक के साथ उत्तराखंड मीडिया संगठन, दिल्ली-एनसीआर के गठन की प्रक्रिया ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। पदाधिकारियों के सर्वसम्मति से चयन के बाद अब संगठन के आगामी कार्यक्रमों, सदस्यता विस्तार और कार्ययोजना को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी है। पत्रकारों की एकजुटता, निष्पक्ष पत्रकारिता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता को संगठन की कार्यप्रणाली का आधार बनाने पर सहमति बनी है।

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