@ देहरादून उत्तराखंड :-
भारत और मेक्सिको के बीच शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से लोक भवन में दून विश्वविद्यालय और मेक्सिको के प्रतिष्ठित सेंटर फॉर रिसर्च एंड एडवांस्ड स्टडीज (CINVESTAV) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के विश्वविद्यालयों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को एक-दूसरे के ज्ञान, अनुभव और नवाचार से सीखने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

इस अवसर पर कहा गया कि जब ज्ञान और शिक्षा की सीमाएं देशों की भौगोलिक सीमाओं से आगे बढ़ती हैं, तो नए विचारों, संभावनाओं और साझेदारियों के लिए रास्ते खुलते हैं। भारत और मेक्सिको के शैक्षणिक संस्थानों के बीच यह सहयोग शोध, नवाचार और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कार्यक्रम में उत्तराखंड की युवा प्रतिभाओं की क्षमता पर भी विश्वास जताया गया। कहा गया कि राज्य के विद्यार्थी और युवा शोधकर्ता वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने की पूरी क्षमता रखते हैं। ऐसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग उन्हें दुनिया के श्रेष्ठ संस्थानों से जुड़ने, नए विचारों पर कार्य करने और अत्याधुनिक शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
एमओयू के माध्यम से शोध को केवल अकादमिक उपलब्धियों तक सीमित न रखते हुए उसे नवाचार, पेटेंट और व्यावहारिक उपयोग तक पहुंचाने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। इससे विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग एवं अनुभव हासिल करने में मदद मिलेगी।

इस महत्वपूर्ण पहल के लिए दून विश्वविद्यालय को बधाई देते हुए उम्मीद जताई गई कि भारत-मेक्सिको की यह साझेदारी दोनों देशों के बीच ज्ञान, समृद्ध सभ्यताओं, संस्कृति और मानवीय संबंधों का मजबूत सेतु बनेगी।
