@ नई दिल्ली :-
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अपने कार्मिकों के समग्र कल्याण को मजबूत करने के उद्देश्य से इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (आईएचबीएएस) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता 25 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित सीआईएसएफ मुख्यालय में किया गया।

तीन वर्ष की इस साझेदारी का उद्देश्य सीआईएसएफ कार्मिकों के समग्र मानसिक एवं मनोवैज्ञानिक कल्याण, तनाव प्रबंधन, साइकोमेट्रिक असेसमेंट और क्षमता निर्माण को मजबूत करना है। समझौते के तहत कार्मिकों को विभिन्न प्रकार की प्रशिक्षण एवं परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा।
साझेदारी के अंतर्गत साइकोमेट्रिक मूल्यांकन, काउंसलिंग, मनोचिकित्सकीय आपातकालीन सहायता और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें नशामुक्ति उपचार भी शामिल रहेगा। इसके माध्यम से आवश्यकता के अनुसार कार्मिकों को विशेषज्ञ सहायता और उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
समझौते का एक प्रमुख उद्देश्य सीआईएसएफ कर्मियों को तनाव, असामान्य व्यवहार तथा संभावित जोखिम के संकेतों के प्रति संवेदनशील बनाना भी है। इसके लिए जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे, ताकि संबंधित अधिकारी और कार्मिक शुरुआती संकेतों को पहचानकर समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध करा सकें।
इसके अलावा सीआईएसएफ के मेडिकल अधिकारियों, पर्यवेक्षी अधिकारियों, सब-ऑफिसर्स और मास्टर ट्रेनर्स की क्षमता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशिक्षण के माध्यम से इन अधिकारियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों की पहचान, प्रारंभिक सहायता और आवश्यक रेफरल प्रक्रिया के संबंध में सक्षम बनाया जाएगा।
साझेदारी के तहत 24×7 Tele-MANAS हेल्पलाइन 14416 के माध्यम से भी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। सीआईएसएफ और आईएचबीएएस के बीच यह सहयोग बल के कार्मिकों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन और समग्र कल्याण के लिए संस्थागत सहायता प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
