@ मुंबई महाराष्ट्र :-
महाराष्ट्र सरकार ने सूखे की स्थिति को देखते हुए राज्य के 358 में से 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि इन तालुकों में ‘ट्रिगर-1’ के निर्धारित मानक पूरे हुए हैं। इसके साथ ही प्रभावित किसानों और नागरिकों को राहत देने के लिए कई उपायों की घोषणा की गई है।

सरकार के निर्णय के तहत प्रभावित क्षेत्रों में भूमि राजस्व में छूट, फसल ऋण के पुनर्गठन और कृषि ऋण की वसूली पर रोक जैसे कदम उठाए जाएंगे। किसानों के कृषि पंपों के बिजली कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे। 7.5 हॉर्सपावर तक के पंपों के बिजली बिल माफ किए जाने के बाद अब इससे अधिक क्षमता वाले कृषि पंपों को भी बिजली बिल में राहत देने की व्यवस्था की गई है।
सूखा प्रभावित क्षेत्रों में विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क में छूट देने के साथ रोजगार गारंटी योजना के तहत नियमों में ढील देकर अधिक से अधिक रोजगार कार्य शुरू किए जाएंगे। आवश्यकता वाले क्षेत्रों में पेयजल टैंकर उपलब्ध कराए जाएंगे। कृषि पर निर्भर किसानों और खेत मजदूरों को अनाज उपलब्ध कराने तथा पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार ने बड़े पैमाने पर जल संरक्षण कार्य शुरू करने और पेयजल व पशुओं के लिए पानी की पूर्व निर्धारित योजना जारी रखने के निर्देश दिए हैं। सभी जिला कलेक्टरों को फसल नुकसान के पंचनामे की प्रक्रिया तत्काल पूरी करने को कहा गया है। फसलों की स्थिति के आकलन के लिए तस्वीरों और जीपीएस आधारित आंकड़ों का संग्रह भी किया जाएगा।
इससे पहले 24 सितंबर को वाशिम दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में गंभीर सूखा घोषित करने के लिए जल्द सरकारी आदेश जारी करने की बात कही थी। उन्होंने पात्र किसानों को पूर्व की योजनाओं में छूटे फसल ऋण माफी के लाभ पर भी विचार करने का आश्वासन दिया था।
