@ नई दिल्ली :-
रविवार को चाणक्यपुरी स्थित उत्तराखंड निवास में उत्तराखंड सरकार के सौजन्य से दिल्ली में रह रहे उत्तराखंड के वरिष्ठ प्रबुद्धजनों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभागियों के साथ विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। उत्तराखंड सरकार के विशेष आमंत्रण पर दिल्ली में प्रवास कर रहे उत्तराखंड से जुड़े वरिष्ठ नागरिकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।

संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के कई आईएएस अधिकारी, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति एवं प्रोफेसर, वैज्ञानिक, चिकित्सक, वरिष्ठ पत्रकार, रंगकर्मी और समाजसेवी सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता मुख्यमंत्री द्वारा प्रतिभागियों को लगभग तीन घंटे तक ध्यानपूर्वक सुनना और उनके सुझावों एवं सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया देना रही।

कार्यक्रम के दौरान वक्ता ने मुख्यमंत्री के समक्ष चारधाम यात्रा से संबंधित ग्रामीण क्षेत्रों की एक प्रमुख समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान यात्रा मार्ग पर स्थित गांवों के स्थानीय निवासियों को अपने गांव आने-जाने के लिए यातायात संबंधी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए अलग प्राधिकरण गठित कर यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित कर सकती है।
इसके अलावा दिल्ली में उत्तराखंड की कला, संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़े सांस्कृतिक केंद्र (Cultural Centre) की स्थापना की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई। इस केंद्र के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, लोककला, साहित्य, संगीत और परंपराओं को राष्ट्रीय राजधानी में व्यापक मंच उपलब्ध कराने की बात कही गई।
कार्यक्रम का संचालन मुख्यमंत्री की मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर गोविंद सिंह ने किया। अंत में मीडिया समन्वयक मदनमोहन सती के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। संवाद में विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों की सक्रिय भागीदारी रही।

