@ नई दिल्ली :-
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने तुर्की से कुख्यात नार्को-ट्रैफिकिंग सरगना नवप्रीत सिंह के प्रत्यर्पण को सुनिश्चित कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करने के लिए सभी एजेंसियों को बधाई दी है।

X प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में, केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने तुर्की से कुख्यात नशीले पदार्थों के तस्कर नवप्रीत सिंह को वापस लाकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि ‘नवाब विर्क‘ की फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर तुर्की की नागरिकता लेने के बाद भी, नवप्रीत सिंह अफ़गानिस्तान से भारत में हेरोइन और मेथम्फेटामाइन की तस्करी करता रहा।
शाह ने कहा कि भारतीय एजेंसियों ने उसकी असली पहचान का पता लगाने के लिए उसकी फर्जी पहचान को उजागर किया और उसे वापस लाने में कामयाबी हासिल की। आज उसे भारत वापस लाया गया है और ड्रग तस्करी व अन्य अपराधों के मामलों में जेल भेज दिया गया है। इस सफलता के लिए सभी एजेंसियों को बधाई। मोदी सरकार दिसंबर 2029 से पहले हर नार्को-कार्टेल को खत्म करने के प्रति कटिबद्ध है।
मोदी सरकार ने भगोड़ों को वापस लाने के लिए एक समन्वित अभियान शुरू किया है। 2019 से अगस्त, 2026 तक, 36 देशों से कुल 288 भगोड़ों को भारत वापस लाया गया है।
भगोड़ों को वापस लाने को लेकर पहले की सरकारों में पॉलिटिकल विल का अभाव था, मोदी सरकार ने भगोड़ों के प्रत्यर्पण को ‘राष्ट्रीय प्राथमिकता‘ बनाया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन के अनुरूप, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भगोड़ों के खिलाफ तीन स्तंभों पर जोर दिया है – वैश्विक अभियान, मजबूत समन्वय और स्मार्ट कूटनीति। अमित शाह ने भगोड़े अपराधियों के मुद्दे को देश की संप्रभुता, आर्थिक स्थिरता, कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ बताया है।
मोदी सरकार 2019 में NIA संशोधन अधिनियम और UAPA संशोधन अधिनियम लेकर आई और 2020 के बाद भगोड़ों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया को ‘मिशन मोड‘ में आगे बढ़ाया गया। इससे कार्रवाई केवल संगठनों तक सीमित नहीं रही बल्कि व्यक्तिगत आतंकी, हैंडलर्स, फंडिंग नेटवर्क और विदेशों में बैठे सपोर्ट सिस्टम तक कार्रवाई का दायरा बढ़ा।
भारत और वैश्विक एजेंसियों के बीच समन्वय, संपर्क और संवाद बढ़ाने के लिए गृह मंत्री अमित शाह द्वारा जनवरी, 2025 में ‘BHARTPOL’ लॉन्च किया गया। भारतपोल ने सीबीआई, राज्य पुलिस मुख्यालय और जिला पुलिस मुख्यालय को एकीकृत कर एक व्यापक इन्फॉर्मेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्मित किया। इसके तहत, राज्य और केन्द्रीय एजेंसियों के 1,400 से अधिक यूनिट ऑफिस पोर्टल से जुड़कर सूचना का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित कर रहे हैं। इसके कारण, CBI और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच इन्फार्मेशन शेयरिंग के रिस्पॉन्स टाइम में भारी कमी आई है। आज CBI द्वारा मांगी गई जानकारी अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा 10 से 20 दिनों में और कुछ मामलों में मात्र 3 से 10 दिनों में साझा कर दी जाती है।
मोदी सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) को सख्ती से लागू किया है। मोदी सरकार ने PMLA के सख्ती से लागू होने से वर्ष 2019 से 2026 तक भगौड़ों की कुल ₹17,874 करोड़ की संपत्ति जब्त की। 2019 से 2026 तक ₹18,762 करोड़ की सफल वापसी (Restitution) की गई, इसमें देश छोड़कर भागे आर्थिक अपराधियों का पैसा शामिल है।
पिछले 3 वर्षों में 401 भगोड़े अपराधियों के विरुद्ध रेड कार्नर नोटिस जारी हुए हैं। जुलाई, 2026 तक कुल 182 रेड कार्नर नोटिस जारी हुए हैं।
