@ गांधीनगर गुजरात :-
पूरे गुजरात में सरकारी इमारतें मानों सौर ऊर्जा से जगमगा उठी हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार बड़े पैमाने पर सरकारी इमारतों पर सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित कर रही है। पूरे राज्य में अब तक 6014 सरकारी इमारतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं। चालू वर्ष में 15,000 और सरकारी इमारतों पर सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने का आयोजन है। इससे मौजूदा क्षमता में 65 मेगावाट की वृद्धि होगी। जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत गुजरात ऊर्जा विकास एजेंसी (जीईडीए) द्वारा वर्ष 2011-12 से लागू की गई इस पहल का उद्देश्य नवीनीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) को बढ़ावा देना है।

जलवायु परिवर्तन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा, “वर्ष 2025-26 के दौरान 1377 सरकारी इमारतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए थे। इसके परिणामस्वरूप 17.1 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में बढ़ोतरी हुई है। इस विस्तार के साथ मार्च 2026 तक रूफटॉप सोलर से सुसज्जित सरकारी इमारतों की संख्या बढ़कर 6014 हो गई है। इन सभी सरकारी इमारतों पर लगाए गए सोलर रूफटॉप सिस्टम की बिजली उत्पादन क्षमता 95 मेगावाट तक पहुंच गई है।”
वर्ष 2026-27 में 65 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन का आयोजन
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के दौरान इस कार्यक्रम का बड़े पैमाने पर विस्तार करने का आयोजन किया है।
अर्जुन मोढवाडिया ने आगे कहा, “सरकारी इमारतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का अब तक का सबसे बड़ा विस्तार इस वर्ष हो रहा है। इस वर्ष 15,000 सरकारी इमारतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य है। इस विस्तार से लगभग 65 मेगावाट सोलर क्षमता की वृद्धि होगी।”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत, इमारतों की छत को बिजली उत्पन्न करने के स्रोत में परिवर्तित करके परंपरागत बिजली के स्रोतों पर निर्भरता कम करने का प्रयास किया जा रहा है।
जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री प्रवीण माली ने कहा, “सरकारी इमारतों पर सोलर सिस्टम की स्थापना से परंपरागत बिजली की खपत में कमी आएगी। सरकारी कार्यालयों का बिजली खर्च कम होगा और परंपरागत बिजली उत्पादन से जुड़े प्रदूषण में कमी सहित अनेक पर्यावरणीय एवं आर्थिक लाभ होंगे।”
गुजरात ऊर्जा विकास एजेंसी (जीईडीए) के निदेशक धर्मेन्द्र पटेल ने कहा, “वर्ष 2026-27 के लिए इस कार्यक्रम के अंतर्गत 314 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। इसमें सामान्य सरकारी इमारतों के लिए 278 करोड़ रुपए, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अंतर्गत आने वाली इमारतों के लिए 3 करोड़ रुपए और आदिजाति विकास विभाग के अधीन आने वाली इमारतों के लिए 33 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।”
इस योजना के तहत गुजरात सरकार के स्वामित्व वाली सरकारी इमारतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जाते हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए जलवायु परिवर्तन विभाग के वार्षिक बजट प्रावधान में से 100 फीसदी पूंजीगत खर्च की सहायता दी जाती है।
गुजरात नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में देश में अव्वल
केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, गुजरात 47,178 मेगावाट की स्थापित क्षमता के साथ रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में देश का शीर्ष राज्य बन गया है। गत एक वर्ष के दौरान राज्य में रिन्यूएबल एनर्जी की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और गुजरात ने राजस्थान को पीछे छोड़ते हुए देश में प्रथम स्थान हासिल किया है।
गुजरात ने आईआईओटी आधारित रिन्यूएबल एनर्जी मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू किया
डिजिटल बदलाव की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुजरात सरकार ने इस वर्ष से सरकारी इमारतों पर स्थापित रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम की मॉनिटरिंग के लिए आईआईओटी (औद्योगिक इंटरनेट ऑफ थिंग्स) आधारित रिन्यूएबल एनर्जी मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू किया है।
अर्जुन मोढवाडिया ने कहा, “इस सिस्टम के मजबूत ढांचे में स्मार्ट मीटर, सेंसर और जीपीआरएस, 4जी तथा इंटरनेट के जरिए जुड़े आईओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) गेटवे शामिल हैं। यह सिस्टम ऑटोमेटेड रिमोट अलर्ट की सुविधा देता है और हर 15 मिनट में परिचालन से संबंधित डेटा एकत्रित करता है, जिसके परिणामस्वरूप प्रतिदिन लगभग 96 रीडिंग्स प्राप्त की जा सकती है। अभी यह सिस्टम 142.5 मेगावाट सोलर और 68.3 मेगावाट पवन ऊर्जा उत्पादन सहित महत्वपूर्ण क्षमताओं की मॉनिटरिंग कर रहा है।”
