@ मुंबई महाराष्ट्र :-
फिल्म अभिनेता राजपाल यादव की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चल रहे चेक बाउंस से जुड़े मामलों के बीच अब मध्य प्रदेश के इंदौर जिले की महू अदालत ने भी उनके खिलाफ कार्रवाई की है। 25 लाख रुपये के चेक बाउंस से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए अदालत ने राजपाल यादव के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। साथ ही उन्हें 13 अक्टूबर को अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।

मामले के सामने आने के बाद अभिनेता के लिए 13 अक्टूबर की तारीख महत्वपूर्ण हो गई है। एक ओर उन्हें महू अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होना है, वहीं दूसरी ओर उसी दिन सुप्रीम कोर्ट में चल रहे एक अन्य चेक बाउंस मामले में उन्हें बड़ी रकम जमा करनी है।
जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में यह मामला उनकी फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़े पुराने वित्तीय विवाद से संबंधित है। इस मामले की सुनवाई के दौरान राजपाल यादव स्वयं अदालत में उपस्थित हुए थे। उन्होंने अदालत के समक्ष 1.15 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा किया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने शेष 85 लाख रुपये 13 अक्टूबर तक रजिस्ट्री में जमा कराने का निर्देश दिया।
अब महू अदालत से जारी वारंट ने अभिनेता के सामने एक और कानूनी चुनौती खड़ी कर दी है। 25 लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में अदालत की ओर से व्यक्तिगत उपस्थिति के निर्देश के कारण उनकी कानूनी टीम के सामने एक ही दिन दो अलग-अलग न्यायिक प्रक्रियाओं को संभालने की चुनौती है।
राजपाल यादव लंबे समय से विभिन्न वित्तीय और चेक बाउंस मामलों को लेकर कानूनी विवादों का सामना कर रहे हैं। इन मामलों में अदालतों के अलग-अलग आदेश और निर्धारित तारीखें उनके लिए महत्वपूर्ण होती जा रही हैं।
महू अदालत की अगली सुनवाई और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के पालन पर अब सभी की नजरें टिकी हैं। 13 अक्टूबर को अभिनेता की व्यक्तिगत पेशी और सुप्रीम कोर्ट में निर्धारित राशि जमा करने की प्रक्रिया इस मामले में आगे की कानूनी दिशा तय करने में अहम हो सकती है।
