@ नई दिल्ली :-
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने सतत कचरा प्रबंधन और जैविक कचरे के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए लोक निवास के कर्मचारियों को 1,000 किलोग्राम जैविक खाद सौंपी। यह खाद एनडीएमसी की विकेंद्रीकृत कम्पोस्टिंग सुविधाओं में स्थानीय स्तर पर गीले कचरे और बागवानी से निकलने वाले अपशिष्ट को संसाधित करके तैयार की गई है।

एनडीएमसी के अध्यक्ष मनोज द्विवेदी, आईएएस, और सचिव राहुल सिंह, आईएएस, के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में यह पहल स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और कचरे के प्रभावी निस्तारण के प्रति परिषद की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसका उद्देश्य कचरे को उपयोगी संसाधन में परिवर्तित करना और पर्यावरण के अनुकूल प्रबंधन प्रणालियों को प्रोत्साहित करना है।
खाद सौंपे जाने के अवसर पर एनडीएमसी के सलाहकार (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन) राजीव कुमार जैन और वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंकिता राय भी उपस्थित रहे।
यह पहल स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान के तहत संचालित की जा रही गतिविधियों का हिस्सा है। इसके माध्यम से स्रोत पर कचरे का पृथक्करण, विकेंद्रीकृत कम्पोस्टिंग और जैविक अपशिष्ट के उत्पादक उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
गीले कचरे और बागवानी अपशिष्ट से खाद तैयार करने की प्रक्रिया न केवल कचरे की मात्रा कम करने में सहायक है, बल्कि इससे तैयार जैविक खाद का उपयोग मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने और पौधों के विकास में भी किया जा सकता है।
एनडीएमसी की इस पहल से ‘वेस्ट टू रिसोर्स’ यानी कचरे से संसाधन की अवधारणा को मजबूती मिलती है। साथ ही, यह नागरिक संस्थानों में पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को अपनाने और स्वच्छ एवं टिकाऊ शहरी वातावरण के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

