महीसागर की बेटी विपा बारिया का ‘शक्तिसैट’ तक का सफर

@ गांधीनगर गुजरात :-

महीसागर जिले के कडाणा तहसील के पढारा गाँव की विपा बारिया ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से इस बात को साबित किया है कि गाँव में रहकर भी बड़े सपने देखे जा सकते हैं और कड़ी मेहनत तथा उचित मार्गदर्शन से उन्हें साकार भी किया जा सकता है। ‘मिशन शक्तिसैट’ के अंतर्गत देशभर से चयनित 20 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों में गुजरात से विपा एकमात्र छात्रा के रूप में चयनित हुई है।

विपा वर्तमान में गोधरा के निकट वेजलपुर स्थित एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल में कक्षा-11 के साइंस-ए ग्रुप में पढ़ाई करती है। बचपन से ही अंतरिक्ष विज्ञान और आकाश के तारों के प्रति जिज्ञासा रखने वाली विपा का सपना पायलट या अंतरिक्ष यात्री बनने का है।

पिता के प्रोत्साहन ने सपनों को दिए पंख

विपा के पिता गुलाबभाई बारिया प्राथमिक विद्यालय में कक्षा-3 से 5 के विद्यार्थियों को गणित और पर्यावरण विषय पढ़ाते हैं। सामान्य परिवार से आने वाली विपा को उसके पिता ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया है। स्कूल की शिक्षिका और मेंटर दीपिका शर्मा के मार्गदर्शन ने भी उसकी प्रतिभा को आगे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

108 देशों की छात्राओं के साथ सैटेलाइट बनाने का प्रशिक्षण

‘स्पेस किड्ज इंडिया’ द्वारा आयोजित ‘मिशन शक्तिसैट’ अंतर्गत विपा ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में 22 से 31 अगस्त, 2026 के दौरान आयोजित 10 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला में भाग लिया था। इस कार्यक्रम में 108 देशों की लगभग 12 हजार छात्राओं ने भाग लिया था। कार्यशाला के दौरान विपा ने अन्य देशों की छात्राओं के साथ सैटेलाइट कोडिंग, डिजाइनिंग और असेंबली का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। विपा को कार्यक्रम में विशेष पुरस्कार और ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया।

विपा ने कहा कि, “अंतरिक्ष विज्ञान और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के बारे में जानने की मुझे बचपन से ही जिज्ञासा थी। मिशन शक्तिसैट के लिए चयनित होना और इसरो जाने का अवसर मिलना मेरे लिए सपने के साकार होने के समान है।”

स्कूल के शिक्षकों के मार्गदर्शन में उसने प्रतियोगिता के पहले चरण में 21 मॉड्यूल और 550 पाठों का पाठ्यक्रम समय पर पूरा किया।

अब अंतरिक्ष मिशन और इसरो के दौरे का अवसर

विपा के अनुसार; इस कार्यक्रम की श्रृंखला के हिस्से के रूप में उसे 26 से 28 अक्टूबर, 2026 के दौरान नई दिल्ली में वायासैट द्वारा आयोजित स्पेस टेक्नोलॉजी कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिला है। इसके बाद सैटेलाइट के प्रक्षेपण की तारीख निर्धारित होने के बाद आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित इसरो के स्पेस सेंटर का दौरा करने का अवसर भी मिल सकता है। विपा ने कहा कि मिशन के अंतर्गत तैयार किए जाने वाले सैटेलाइट्स में से एक चंद्रमा की सतह पर उतरेगा, जबकि दूसरा चंद्रमा की कक्षा में परिक्रमा करेगा।

गाँव के स्कूल से अंतरिक्ष विज्ञान के अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँची विपा बारिया की यात्रा अन्य छात्राओं के लिए प्रेरणादायक है। पिता के प्रोत्साहन, शिक्षकों के मार्गदर्शन और पढ़ाई के प्रति समर्पण के आधार पर विपा अंतरिक्ष विज्ञान के अपने सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए आदिजाति क्षेत्रों के होनहार बच्चों को बेहतरीन शैक्षणिक अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों के माध्यम से दूरदराज के विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक क्षेत्रों में समान अवसर मिल रहे हैं, जो उनके उज्ज्वल भविष्य का मजबूत आधार बने हैं। राज्य में मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में बच्चों के लिए आधुनिक आधारभूत सुविधाएँ और विज्ञान-टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही; आदिजाति विकास मंत्री श्री नरेश पटेल के नेतृत्व में विभाग की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा रही है, ताकि आदिजाति बच्चे देश-विदेश में सफलता की नई ऊँचाइयाँ प्राप्त कर सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

LIVE OFFLINE
track image
Loading...