@ गांधीनगर गुजरात :-
भारतीय तटरक्षक बल (ICG) के क्षेत्रीय मुख्यालय (उत्तर-पश्चिम), गांधीनगर द्वारा सुरक्षित, समावेशी और सम्मानजनक कार्यस्थल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लैंगिक संवेदनशीलता विषय पर दो सत्रों वाली कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला में अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों, अधीनस्थ कर्मचारियों (एसओ/ईपी) और असैनिक कर्मचारियों ने भाग लिया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर लैंगिक समानता, आपसी सम्मान, समावेशिता और गरिमापूर्ण व्यवहार के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इसके माध्यम से कर्मचारियों को एक ऐसे पेशेवर वातावरण के निर्माण के लिए प्रेरित किया गया, जहां प्रत्येक व्यक्ति के अधिकारों, सम्मान और गरिमा का ध्यान रखा जाए।
कार्यशाला का संचालन सर्व उत्थान फॉर आर्ट, लाइफ एंड कल्चर वेलफेयर सोसाइटी (एसयूएफएएल) से जुड़े यौन उत्पीड़न की रोकथाम (पीओएसएच) सलाहकार तथा व्यवहार परिवर्तन के विषय विशेषज्ञ ने किया। दोनों सत्रों के दौरान कार्यस्थल पर सकारात्मक व्यवहार, लैंगिक संवेदनशीलता और सभी कर्मचारियों के प्रति निष्पक्ष एवं सम्मानजनक दृष्टिकोण अपनाने के महत्व पर जोर दिया गया।
विशेषज्ञों ने रेखांकित किया कि सुरक्षित और सहयोगपूर्ण कार्यस्थल का निर्माण केवल संस्थागत नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संगठन के प्रत्येक सदस्य की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी कर्मचारियों को अपने व्यवहार और कार्यशैली में समानता, संवेदनशीलता तथा पारस्परिक सम्मान के सिद्धांतों को अपनाना चाहिए। इससे कार्यस्थल पर विश्वास, सहयोग और सकारात्मक संवाद को बढ़ावा मिलता है।
भारतीय तटरक्षक बल की इस पहल का उद्देश्य ऐसा कार्य वातावरण विकसित करना है, जहां सभी कर्मचारी बिना किसी भेदभाव या असहजता के अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें। लैंगिक संवेदनशीलता के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाली ऐसी गतिविधियां संगठनात्मक संस्कृति को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी और समावेशी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

भारतीय तटरक्षक बल ने इस पहल के माध्यम से पेशेवर अनुशासन, आपसी सम्मान और समावेशी कार्यसंस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। संगठन का मानना है कि सम्मानजनक और सुरक्षित कार्यस्थल परिचालन उत्कृष्टता को मजबूत करने के साथ-साथ राष्ट्र की सेवा में कर्मियों की कार्यक्षमता और सामूहिक योगदान को भी बेहतर बनाने का आधार है।

