@ नई दिल्ली :-
भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित अधिकारी एयर मार्शल तेजिंदर सिंह, PVSM, AVSM, VM, वर्तमान में चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (CIDS) के रूप में देश की रक्षा व्यवस्था को अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। अपने उत्कृष्ट सैन्य अनुभव, रणनीतिक दृष्टिकोण और प्रभावशाली नेतृत्व क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमताओं तथा संयुक्त सैन्य कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

अपने शानदार सैन्य करियर के दौरान उन्होंने दक्षिण पश्चिमी वायु कमान (South Western Air Command) और ट्रेनिंग कमांड में एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (AOC-in-C) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली।
इन पदों पर रहते हुए उन्होंने परिचालन तैयारियों, प्रशिक्षण व्यवस्था और संगठनात्मक दक्षता को बेहतर बनाने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके नेतृत्व में वायुसेना की क्षमताओं को मजबूत करने तथा बदलती सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप तैयारियों को प्रभावी बनाए रखने पर विशेष जोर रहा।
एयर मार्शल तेजिंदर सिंह की विशेषज्ञता का एक प्रमुख क्षेत्र ऑपरेशनल प्लानिंग और ज्वॉइंट-सर्विसेज इंटीग्रेशन रहा है। आधुनिक युद्ध परिस्थितियों में थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर समन्वय तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करना देश की रक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के रूप में उनकी भूमिका तीनों सेनाओं के बीच सहयोग, संयुक्त योजना और एकीकृत संचालन की दिशा में विशेष महत्व रखती है।
इसके अतिरिक्त, वायुसेना के पायलटों और तकनीकी कर्मियों के प्रशिक्षण को मजबूत बनाने में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। आधुनिक तकनीक, पेशेवर दक्षता और उच्च स्तरीय परिचालन तैयारी से युक्त सैन्य बल के निर्माण में प्रशिक्षण की अहम भूमिका होती है। उनके नेतृत्व अनुभव ने इस क्षेत्र में संस्थागत क्षमताओं को विकसित करने के प्रयासों को बल दिया है।
देश के प्रति उनकी विशिष्ट और उत्कृष्ट सेवाओं के सम्मान में उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और वायु सेना मेडल (VM) से अलंकृत किया गया है। ये सम्मान उनके समर्पण, पेशेवर उत्कृष्टता और सैन्य नेतृत्व के प्रति राष्ट्र के सम्मान को दर्शाते हैं।
एयर मार्शल तेजिंदर सिंह का सैन्य सफर भारतीय सशस्त्र बलों में अनुशासन, नेतृत्व और संयुक्त रक्षा क्षमताओं के महत्व को रेखांकित करता है।
