@ आनंद गुजरात :-
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के महानिदेशक (DG) जी. पी. सिंह, आईपीएस ने गुजरात के आनंद स्थित त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय (TSU) का दौरा किया। यह भारत का पहला राष्ट्रीय विश्वविद्यालय है, जो विशेष रूप से सहकारिता क्षेत्र को समर्पित है। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) एस. पी. सिंह से मुलाकात कर शिक्षा और सार्वजनिक सेवा से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक संवाद किया।

दौरे के दौरान कुलपति ने डीजी सीआरपीएफ का औपचारिक सम्मान किया। यह अवसर कानून प्रवर्तन नेतृत्व और सहकारिता आधारित उच्च शिक्षा के बीच सहयोग एवं विचारों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच बना।
विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए जी. पी. सिंह ने संस्थागत नेतृत्व, सार्वजनिक सेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावी नेतृत्व केवल निर्णय लेने की क्षमता तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वास अर्जित करने, मूल्यों पर कायम रहने और कठिन परिस्थितियों में सही दिशा दिखाने की जिम्मेदारी भी है।
अपने संबोधन में उन्होंने सार्वजनिक सेवा में नेतृत्व, दबाव की परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता, साहस, ईमानदारी और विश्वास निर्माण, तथा लोगों का नेतृत्व कर स्थायी संस्थाओं का निर्माण जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अनुशासन, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाकर देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम का संवादात्मक सत्र विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें छात्रों और शिक्षकों ने सहकारिता आंदोलन, अनुशासित सेवा, नेतृत्व कौशल और युवा शक्ति की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। डीजी ने छात्रों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए बताया कि बदलते समय में संस्थाओं की सफलता पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास पर आधारित होती है।
उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र आर्थिक सशक्तीकरण के साथ-साथ सामाजिक समावेशन का भी प्रभावी माध्यम है और युवा नेतृत्व इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि शिक्षा, अनुशासन और सेवा की भावना मिलकर भारत के सतत और समावेशी राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव तैयार कर सकती है।

