@ प्रजा दत्त डबराल नई दिल्ली
भारतीय वायु सेना ने मंगलवार 13 अगस्त दक्षिण भारत तमिलनाडु के सुलूर में “तरंग शक्ति युद्धाभ्यास 2024” अपने पहले अंतरराष्ट्रीय हवाई अभ्यास की मेजबानी की, जिसमें लगभग 30 देशों ने भाग लिया। इन देशों में से 10 देशों ने अपने लड़ाकू विमानों के साथ इस युद्धाभ्यास में हिस्सा लिया। यह आयोजन भारतीय वायु सेना द्वारा किया गया, जिसमें आत्मनिर्भर भारत की चमक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

इस आयोजन में भारतीय वायु सेना के एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी PVSM AVSM VM ADC और तमिलनाडु के गवर्नर आर एन रवि प्रमुख अतिथि के रूप में शामिल हुए।
प्रदर्शनी के बाद, भारतीय वायु सेना ने तेजस और सुखोई विमानों की गड़गड़ाहट के साथ आकाश में अद्भुत करतब दिखाए। इन हैरतअंगेज कारनामों के साथ जब पृष्ठभूमि में वंदेमातरम् और माँ तुझे सलाम की धुन ने पूरे माहौल को संगीतमय कर लोगों के अंदर जोश भर दिया,तो विदेशी मेहमानों ने भी खड़े होकर तालियां बजाईं और आख़िर में प्रोग्राम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।
Godrej, Larsen & Toubro, MRF और अन्य प्रमुख भारतीय कंपनियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। DRDO ने भी अपना मेक इन इंडिया हथियारों की प्रदर्शनी लगाई।

भारतीय वायुसेना के PRO विंग कमांडर जयदीप सिंह ने हमें बताया कि ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, स्पेन, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, अमेरिका और सिंगापुर सहित 10 देश अपने लड़ाकू विमानों के साथ इस अभ्यास में शामिल हुए।

भारत के तेजस, राफेल, मिराज 2000, जगुआर, मिग 29 और अन्य लड़ाकू विमान इस हवाई अभ्यास में शामिल हुए।
“तरंग शक्ति युद्धाभ्यास 2024” न केवल भारत की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन था, बल्कि यह भारत के आत्मनिर्भरता के संकल्प और तकनीकी कौशल का भी प्रतीक था। इस आयोजन ने दुनिया को भारत की बढ़ती ताकत और सामरिक कौशल का संदेश दिया, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
फ़्रान्स ,जर्मनी, स्पेन ने भारत के साथ एक मिलकर सुलूर में एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस भी की जिसमें उन्होंने अपने अपने विचार रखे और सभी ने कहा भारत के साथ यह “तरंग शक्ति युद्धाभ्यास 2024” हमारे लिए बहुत अच्छा अनुभव पूर्ण रहा है।

आख़िर में प्रोग्राम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।
दूसरा चरण 29 अगस्त से 14 सितंबर तक राजस्थान के जोधपुर में आयोजित होगा।
जोधपुर वायु सेना स्टेशन एचएएल ध्रुव , मिकोयान मिग-27 , मिल एमआई-17 और सुखोई एसयू-30एमकेआई विमानों के स्क्वाड्रन यहां तैनात हैं। यह 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान सक्रिय था। यहां गरुड़ कमांडो फोर्स की एक बटालियन भी है । 3 अक्टूबर 2022 को, IAF ने जोधपुर वायु सेना स्टेशन में 143 हेलीकॉप्टर यूनिट में HAL प्रचंड को शामिल किया था ।
ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, सिंगापुर, UAE और अमेरिका की वायुसेना शामिल होगीं।

