@ ऊना हिमाचल
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने ऊना में कहा कि राज्य में डिजिटल प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग से सरकारी सेवाओं को अधिक सुगम और प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने डिजिटल प्रौद्योगिकी के माध्यम से मंदिरों में दर्शन, दान और अन्य सेवाओं की व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए एक राज्यव्यापी नीति तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि हिमाचल में विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ एवं ऐतिहासिक मंदिर हैं। डिजिटल माध्यम से मंदिर दर्शन और डोनेशन की व्यवस्था बनाने समेत प्रदेश के लिए एकरूप डिजिटल व्यवस्था बनाने की दिशा में काम करें। उन्होंने शासन व्यवस्था को और बेहतर बनाने में डिजिटल प्रौद्योगिकी के सदुपयोग पर बल दिया। साथ ही सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और रोजगार सृजन में तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर फोकस करने के निर्दश भी दिए।

उपमुख्यमंत्री ने इस बात पर चिंता जताई कि भारत में फिलहाल ड्रोन का निर्माण नहीं हो रहा है और अधिकतर ड्रोन चीन से आयात किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि हमें ड्रोन विनिर्माण की दिशा में तेजी से काम करना चाहिए ताकि हम आत्मनिर्भर बन सकें। साथ ही युवाओं के लिए ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण देने पर ध्यान देना होगा। उन्होंने आईआईआईटी ऊना को विद्यार्थियों के लिए ड्रोन पायलट ट्रेनिंग के तीन व छह माह की अवधि के कोर्स चलाने का सुझाव दिया।
उन्होंने डिजिटल प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों का आह्वान करते हुए कहा कि वह यह सुनिश्चित करें कि तकनीक का लाभ आम लोगों तक पहुंचे और उनके जीवन को सरल बनाए। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति की सार्थकता तभी है जब यह सार्वजनिक सेवाओं को सुलभ बनाते हुए लोगों के जीवन में सुगमता लाए। उपमुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए लोकमित्र केंद्रों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में लोकमित्र केंद्र अभी स्थापित नहीं किए गए हैं, वहां इन्हें स्थापित करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी इन सेवाओं का लाभ उठा सकें।
उन्होंने कहा कि हिमाचल पथ परिवहन निगम में डिजिटल प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देते हुए कैशलेस यात्रा सेवा शुरू की गई है। इसके जरिए यात्री अब ऑनलाइन एप्लीकेशन का उपयोग कर किराये का भुगतान कर सकते हैं।
अग्निहोत्री ने ऊना जिला प्रशासन को अधिक से अधिक नवोन्मेषी कार्यक्रमों का आयोजन करने को कहा ताकि विद्यार्थी और युवा तकनीकी शिक्षा के माध्यम से लाभान्वित हो सकें। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से न केवल विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक का ज्ञान मिलेगा बल्कि उन्हें भविष्य के रोजगार के अवसरों के लिए भी तैयार किया जा सकेगा।
उपमुख्यमंत्री ने पंचायत स्तर पर तकनीकी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को आईटी तकनीकों के उपयोग के प्रति जागरूक किया जाए ताकि उन्हें प्रदेश सरकार द्वारा क्रियान्वित योजनाओं और कार्यक्रमों की ऑनलाइन जानकारी मिल सके जिससे वह अधिक से अधिक पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिला सकें।
मुकेश अग्निहोत्री ने हरोली विधानसभा क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व विकास कार्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि उनके पहली बार विधायक बनने से लेकर अब तक हरोली में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय, ट्रिपल आईटी, आईटीआई और तीन डिग्री कॉलेजों की स्थापना जैसी उपलब्धियां विकास के मुख्य उदाहरण हैं। इन सभी संस्थानों का उद्देश्य विद्यार्थियों और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और तकनीकी कौशल से सुसज्जित करना है जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें।
डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग के सचिव डॉ. अभिषेक जैन, आईआईआईटी ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर, बजाज फाइनेंस के मुख्य सूचना एवं तकनीकी अधिकारी अनुराग जैन, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग के निदेशक डॉ. निपुण जिंदल, उपायुक्त जतिन लाल, डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस विभाग के अतिरिक्त निदेशक राजीव कुमार, संयुक्त निदेशक अनिल सेमवाल सहित विभाग के अन्य अधिकारी इस मौके पर उपस्थित थे।
