@ चंडीगढ़ हरियाणा :-
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आज एक विशेष बैठक ली। बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़े तमाम पहलुओं की गहन समीक्षा की गई और अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और जरूरी सेवाओं की आपूर्ति हर हाल में बनी रहे।

मुख्यमंत्री ने खाद्य पदार्थों की कालाबाजारी को सख्ती से रोकने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में जनता को जरूरी सामान की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने एक ऐसा पोर्टल बनाने के निर्देश दिए जिस पर डॉक्टर, ड्राइवर या अन्य कोई व्यक्ति जो वर्तमान परिस्थिति में सेवा देना चाहता है, वह स्वयं को रजिस्टर कर सके।
अग्निशमन सेवाओं की गाड़ियों की समय पर सर्विसिंग हो, उनकी मैपिंग की जाए और कस्बों में दमकल वाहन इस प्रकार तैनात किए जाएं कि एक कॉल पर तुरंत प्रतिक्रिया मिले। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बड़े गांवों में भी एम्बुलेंस सेवा ऐसी होनी चाहिए कि 5 मिनट के भीतर मदद पहुंच सके।
उन्होंने हरियाणा राज्य आपदा प्रबंधन तंत्र की समीक्षा कर किसी भी प्रकार की खामियों को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन 112 को लेकर भी दिशानिर्देश दिए गए। साथ ही, जिलों के डीसी और एसपी को स्थानीय स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाने को कहा गया ताकि आमजन सीधे तौर पर उनसे संपर्क कर सके।
साथ ही सोशल मीडिया पर फैलने वाली झूठी और भ्रामक सूचनाओं पर नियंत्रण के लिए एक ठोस तंत्र बनाने के निर्देश भी दिए गए, ताकि अफवाहों पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने पुलिस प्रशासन को फेक कॉल्स के प्रति भी सतर्क रहने को कहा और ब्लैकआउट जैसी स्थिति में रात के समय गश्त को बढ़ाने का आदेश दिया।
जलघरों के आसपास होमगार्ड्स की तैनाती करने, पानी की गुणवत्ता की लैब टेस्टिंग कराने तथा सभी आवश्यक सेवाओं की सतत निगरानी के निर्देश भी बैठक में दिए गए। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे किसी भी स्थिति में घबराएं नहीं, सरकार हर आवश्यक कदम उठा रही है।
जिलों में सरकारी और निजी अस्पतालों की सूची तैयार कर, वहाँ कार्यरत जनशक्ति और डॉक्टरों की विस्तृत जानकारी एकत्र करने को कहा गया। इस बैठक में प्रदेश के सभी कमिश्नर, उपायुक्त और पुलिस अधीक्षकों को खास निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य सचिव, मुख्य प्रधान सचिव, गृह सचिव सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
