@ नई दिल्ली :-
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सभी मीडिया चैनलों के लिए परामर्श जारी किया है। इसमें उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में आतंकवाद रोधी अभियानों और सुरक्षाबलों की गतिविधियों की लाइव कवरेज से दूर रहने की सलाह दी गई है। मंत्रालय ने मीडिया से रक्षा अभियानों या गतिविधियों से संबंधित स्रोत आधारित सूचना पर रिपोर्टिंग करने से भी दूर रहने की सलाह दी है।
मंत्रालय ने कहा है कि समय से पहले ही संवेदनशील सूचनाओं का खुलासा देश विरोधी तत्वों के लिए सहायक साबित हो सकता है और अभियानों के प्रभाव और सुरक्षाकर्मियों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है। मंत्रालय ने कहा है कि विगत की घटनाओं ने जिम्मेदार रिपोर्टिंग के महत्व को उजागर किया है। करगिल युद्ध, मुंबई आतंकी हमलों तथा कंधार अपहरण जैसी घटनाओं के दौरान अनियंत्रित कवरेज ने राष्ट्रीय हितों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया था।
एडवाइजरी में यह भी उल्लेख किया गया है कि पहले भी सभी टीवी चैनलों को केबल टेलीविजन नेटवर्क (संशोधन) नियम, 2021 के नियम 6(1)(p) का पालन करने का निर्देश दिया गया था। इस नियम के तहत किसी भी आतंकवाद-रोधी अभियान की लाइव कवरेज को प्रतिबंधित किया गया है और मीडिया को केवल सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी की समय-समय पर ब्रीफिंग तक सीमित रहना होगा, जब तक कि अभियान समाप्त न हो जाए। यदि किसी चैनल द्वारा इस नियम का उल्लंघन किया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

