द हंस फाउंडेशन, महिला सशक्तिकरण के लिए बनी नयी उम्मीद की किरण

@ कमल उनियाल उत्तराखंड :-

सामाजिक सरोकारो को समर्पित द हंस फाउंडेशन स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छ जलधारा, वनाग्नि सुरक्षा सहित अनेक सराहनीय कार्य कर रही है। अब द हंस फाउंडेशन महिलाओं को मशरुम की खेती से जोडकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महिलाओं को प्रशिक्षण देकर महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने का पहल कर रहा है।

द हंस फाउंडेशन की मोटिवेटर नीलम रावत ने बताया कि द हंस फाउंडेशन द्वारा गठित समूहो, फायर फाईटरो को ब्लाक स्तरीय प्रशिक्षण देकर मशरुम उगाने की विधि बतायी जाती है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसके तहत विकास खंड द्वारीखाल पौड़ी जनपद के गाँव ग्वीन छोटा, गूम लंगूर, कोटलमंडा, जमेली, खडेती में महिला सशक्तिकरण के तहत मशरुम प्रशिक्षण देकर उनके आजीविका बढाने के लिए निरन्तर प्रयास किया जा रहा है।

इसी के तहत ग्राम ग्वीन छोटा में द हंस फाउंडेशन का महिला सशक्तिकरण और उनको आर्थिक रुप से सुदृढ बनाने का प्रयास मुहिम लाया है यहाँ की महिलाओ ने मशरुम उगाकर आजीविका के क्षेत्र में कदम रखा है। समूह से जुडी महिला शकुन्तला देवी और पवित्रा देवी ने बताया की द हंस फाउंडेशन ने

ब्लाक स्तर पर महिलाओं को प्रशिक्षण दिया आज सभी समूह से जुड़ी महिलाये मशरूम उगा कर खुश दिखी। उन्होने बताया यह कार्य भले छोटे स्तर से शूरू हुआ हो इसे अब इसे बडे स्तर तक पहुँचाने की कोशिश की जायेगी। द हंस फाउंडेशन का इस तरह का प्रशिक्षण खुशहाली और उम्मीद का नया दरवाजा खोलता है जो कि रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रयास है।

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