@ नई दिल्ली :-
रूसी नाट्य कला संस्थान (गिटिस) द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय छात्र महोत्सव “गिटिस फेस्ट” में भाग लेने हेतु राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) को आधिकारिक आमंत्रण प्राप्त हुआ। यह महोत्सव मॉस्को में 23 से 30 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित किया गया।

इस आमंत्रण के उपरांत, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों का एक दल 25 से 30 अप्रैल 2026 तक आयोजित “अंतरराष्ट्रीय छात्र महोत्सव (स्नातक प्रस्तुतियाँ)” में भाग लेने के लिए मॉस्को गया। यह यात्रा NSD के त्रिवर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही, जिसके अंतर्गत छात्रों को विभिन्न देशों के प्रमुख नाट्य संस्थानों द्वारा प्रस्तुत अंतरराष्ट्रीय नाट्य प्रस्तुतियों को देखने और समझने का अवसर प्राप्त हुआ।
इस दौरान छात्रों ने प्रोफेसर अन्ना द्वारा आयोजित विशेष प्रशिक्षण सत्र (मास्टर क्लास) में भाग लिया तथा कोसेन्को विक्टोरिया के निर्देशन में स्वर प्रशिक्षण सत्र में भी सहभागिता की।

महोत्सव में NSD के छात्रों ने अपनी हालिया प्रस्तुतियाँ “कर्मांकुश”, जिसका निर्देशन सुमन साहा ने किया है, तथा “उत्तर रामचरितम्”, जिसका निर्देशन सुरेश अनागेल्ली द्वारा किया गया है, का मंचन कर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यशराज जाधव, एसोसिएट प्रोफेसर (अभिनय), तथा पराग शर्मा, प्रोडक्शन मैनेजर, NSD ने किया।
यह अंतरराष्ट्रीय सहभागिता न केवल छात्रों के लिए एक समृद्ध शैक्षणिक अनुभव सिद्ध हुई, बल्कि भारतीय रंगमंच की वैश्विक स्तर पर सशक्त उपस्थिति को भी रेखांकित करती है।

Russian Institute of Theatre Arts (GITIS) रूस का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित नाट्य संस्थान है, जिसकी स्थापना 1878 में Moscow में हुई थी। यह अभिनय, निर्देशन, नृत्य, संगीत और रंगमंच प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में उच्च शिक्षा प्रदान करता है। गिटिस का उद्देश्य छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है। यहां के प्रशिक्षक अनुभवी कलाकार और विशेषज्ञ होते हैं। संस्थान ने कई प्रसिद्ध रूसी अभिनेताओं और निर्देशकों को तैयार किया है, जो विश्व रंगमंच और सिनेमा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। गिटिस अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है।
National School of Drama (NSD) भारत का प्रमुख रंगमंच प्रशिक्षण संस्थान है, जिसकी स्थापना 1959 में नई दिल्ली में हुई। यह संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है और अभिनय, निर्देशन, रंग-सज्जा, प्रकाश एवं मंच-प्रबंधन में तीन वर्षीय डिप्लोमा प्रदान करता है। NSD का उद्देश्य भारतीय और विश्व रंगमंच परंपराओं को बढ़ावा देना है। इसके छात्र विभिन्न नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं। भारत रंग महोत्सव जैसे अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का आयोजन भी NSD करता है। कई प्रसिद्ध कलाकार यहीं से प्रशिक्षित हुए हैं।

