बिहार के सारण में आर्केस्ट्रा समूहों पर छापे में 6 नाबालिग बच्चियों को मुक्त कराया गया

@ सारण बिहार

बिहार के सारण जिले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सूचना और नारायणी सेवा संस्थान की निशानदेही पर बिहार के सारण जिले की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आर्केस्ट्रा समूहों पर छापे मार कर छह नाबालिग लड़कियों को शोषण और यातना से मुक्त कराया। इनमें से तीन लड़कियां बिहार की जबकि एक-एक लड़की पश्चिम बंगाल, दिल्ली और नेपाल से ट्रैफिकिंग करके लाई गई थीं। मुक्त कराई गई इन बच्चियों ने बताया कि आर्केस्ट्रा संचालक न केवल उनके साथ अमानवीय व्यवहार करते थे, बल्कि जबरदस्ती अश्लील गाने पर डांस करवाते थे और मना करने पर प्रताड़ित भी करते थे।

मालूम हो कि बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए काम करने वाले संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन की याचिका पर सुनवाई करते हुए पटना हाई कोर्ट ने पिछले हफ्ते आर्केस्ट्रा समूहों में ट्रैफिकिंग के जरिए लाई गई नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण और उत्पीड़न को रोकने के लिए उनके नियमन और निगरानी के लिए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया था। इसके बाद आर्केस्ट्रा समूहों पर सरकार और प्रशासन ने कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी है।

सारण जिले में पुलिस ने सुबह सुबह न्यू आर्केस्ट्रा ग्रुप, शिव शक्ति आर्केस्ट्रा और मुस्कान आर्केस्ट्रा और म्यूजिकल ग्रुप पर छापामार कार्रवाई कर 6 नाबालिग बच्चियों को मुक्त काराया। इन बच्चियों की उम्र 15 से 17 साल तक की थी। छापामार कार्रवाई के दौरान आर्केस्ट्रा संचालक फरार पाए गए। पुलिस उनकी खोज कर रही है। सारण जिले के एकमा थाना इलाके में मुक्त कराई गई सभी नाबालिग लड़कियों को थाना परिसर में लाया गया। फिर वहां से उन्हें चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कार्रवाई में नारायणी सेवा संस्थान के पदाधिकारी भी शामिल रहे।

बिहार का सारण जिला आर्केस्ट्रा का हब है। यहां के आर्केस्ट्रा समूहों में कार्य करने करने के लिए दूसरे राज्यों से बहला फुसलाकर कर और लालच देकर नाबालिग लड़कियों को लाया जाता है और उनका शोषण किया जाता है। आर्केस्ट्रा में काम करने के दौरान उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया जाता है। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन नारायणी सेवा संस्थान पिछले दो साल से आर्केस्ट्रा में नाबालिग बच्चियों के शोषण के खिलाफ अभियान चलाए हुए है। उसने पुलिस के साथ मिल कर आर्केस्ट्रा समूहों पर करीब दो दर्जन छापामार कार्रवाई कर 180 से अधिक नाबालिग बच्चियों को शोषण से मुक्त कराया है।

नारायणी सेवा संस्थान के सचिव ऋतुराज ने सरकार और प्रशासन की सक्रियता और सहयोग के लिए तारीफ की और कहा कि प्रशासन की मदद से ही पुलिस ट्रैफिकर्स और अवैध रूप से नाबालिग बच्चियों से काम कारवाने वाले आर्केस्ट्रा मालिकों पर सख्त कार्रवाई कर रही है। ऋतुराज कहते हैं, इन आर्केस्ट्रा समूहों ने अलग-अलग राज्यों में अपने कार्यालय खोल रखे हैं, जहां से उनके दलाल ट्रैफिकिंग के जरिए गरीब व मजबूर परिवारों की लड़कियों को शानदार भविष्य का झांसा और लालच देकर आर्केस्ट्रा में काम करने के लिए अपने जाल में फंसा कर लाते हैं। बाद में उन्हें छोटे कपड़ों में न केवल अश्लील डांस करने के लिए मजबूर किया जाता है, बल्कि उनसे वेश्यावृत्ति भी कराई जाती है।

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