@ गंगटोक सिक्किम :-
पर्यटन के लिए मशहूर राज्य सिक्किम के पर्यटन मैप में कुछ अनोखे गंतव्य जुड़ने जा रहे हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कई युद्ध क्षेत्रों को पर्यटन के लिए जल्द ही खोलने की घोषणा की थीजिसके बाद सिक्किम ने डोकलाम सहित 3 युद्ध क्षेत्रों क्षेत्रों को पर्यटकों के लिए खोलने की घोषणा की है। यह निर्णय सिक्किम राज्य के भू-राजनैतिक महत्व में वृद्धि लायेगा। डोकलाम की बात करें तो भारत चीन और भूटान की सीमा पर स्थित यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से भू-राजनीतिक तनाव का केंद्र रहा है विशेष रूप से 2017 के भारत-चीन गतिरोध के दौरान।

केंद्र सरकार की नयी पहल ‘भारत रणभूमि दर्शन’ के तहत सिक्किम का पर्यटन विभाग इस रणनीतिक क्षेत्र को ऐतिहासिक महत्व और प्राकृतिक सुंदरता के आकर्षक मिश्रण के साथ एक अनोखे पर्यटन स्थल में बदलने की तैयारी कर रहा है। सिक्किम राज्य में 3 ऐसे स्थानों को चिह्नित किया गया है जो जल्द ही पर्यटकों के लिए खोले जायेंगे। डोकलाम के अलावा नाथूला दर्रा और चो ला भी पर्यटकों के लिए नये तरीके से खोले जायेंगे।
गौरतलब है कि इसी वर्ष जनवरी को महीने में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘भारत रणभूमि दर्शन’ शुरु करने की घोषणा की थी जिसके तहत भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और बलिदानों को ध्यान में रखते हुए ऐतिहासिक सैन्य महत्व के क्षेत्रों को जनता के लिए खोला जा रहा है। यह कार्यक्रम ऐतिहासिक सांस्कृतिक और सामरिक महत्व वाले स्थलों को बढ़ावा देने के एक व्यापक प्रयास का हिस्सा है जो नागरिकों को भारत के सैन्य अतीत से सार्थक रूप से जुड़ने का अवसर प्रदान करता है।
इस पहल के तहत डोकलाम क्षेत्र और चो ला जैसे आस-पास के क्षेत्रों में पर्यटकों की सुविधा के लिए विकास कार्य किए जा रहे हैं जिससे बुनियादी ढांचे को पर्यटकों के लिए दुरुस्त किया जा सके। सिक्किम पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सी.एस. राव ने बताया कि सरकार भारतीय सेना के साथ मिलकर यह सुनिश्चित कर रही है कि यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए सुलभ सुरक्षित और स्वागत योग्य बनें। हालांकि अभी ये तय नहीं है कि पर्यटक ठीक कब से यहां पहुंच सकेंगे लेकिन राज्य सरकार ने इन्हें जल्द ही पर्यटकों के लिए खोलने की घोषणा की है। डोकलाम और चो ला के लिए बुनियादी ढांचे की योजनाओं में पार्किंग सुविधाओं शौचालयों और प्रतीक्षालय का निर्माण शामिल है।
चो ला और डोकलाम दोनों ही सिक्किम के दो प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं जो छांगो लेक और नाथूला से 30 किलोमीटर के दायरे में स्थित हैं और ये पहले से ही बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करते रहे हैं। विशेष रूप से डोकलाम अंतरराष्ट्रीय ध्यान का केंद्र रहा है लेकिन इस क्षेत्र को पर्यटन के लिए खोलने से इसकी विरासत में एक बिल्कुल नया आयाम जुड़ गया है। हालांकि सुरक्षा कारणों से भारत-चीन सीमा तक पर्यटकों का जाना प्रतिबंधित होगा लेकिन पर्यटक फिर भी इस स्थान के सामरिक महत्व को देखकर इतिहास को नजदीक से अनुभव कर सकेंगे।
सिक्किम पहले से अपने पर्यटक स्थलों के लिए जाना जाता है लेकिन डेकलाम के दरवाजे खुलने के बाद राज्य के पर्यटन क्षेत्र को विशेष बढ़ावा मिलेगा। इस नयी पहल के साथ सिक्किम स्वयं को एक बहुआयामी गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा जो न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है बल्कि अपने भौगोलिक स्थिति के चलते अपने समृद्ध सैन्य इतिहास के लिए भी जाना जाता है। केन्द्र सरकार की ये पहल इलाके में रोजगार के नये आयाम भी खोलेगी।
सिक्किम द्वारा डोकलाम और चोला को पर्यटकों के लिए खोलने का निर्णय राज्य के पर्यटन परिदृश्य में एक नए युग का सूत्रपात करेगा। ऐतिहासिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य के सम्मिश्रण से ये क्षेत्र पर्यटकों को एक अनूठा और समृद्ध अनुभव प्रदान करेगा। केंद्र सरकार और भारतीय सेना के सहयोग से यह पहल भू-राजनैतिक इतिहास को लोगों तक पहुंचायेगी। इसके अलावा देश भर में ऐसे 77 स्थानों का चयन किया गया है जिन्हें जल्द ही पर्यटकों के लिए इस ‘भारत रणभूमि दर्शन’ कार्यक्रम के तहत खोला जायेगा जिसमें गलवान और सियाचिन जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं।
