यूआईडीएआई ने आधार-आधारित ग्राहक सत्यापन के लिए स्टारलिंक को शामिल किया

@ नई दिल्ली :-

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने उपग्रह आधारित इंटरनेट प्रदाता स्टारलिंक सैटेलाइट कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड को अपने साथ जोड़ लिया है। स्टारलिंक ग्राहक सत्यापन के लिए आधार प्रमाणीकरण का उपयोग करेगा। इससे पूरी प्रक्रिया सुचारू, सुरक्षित और बहुत आसान हो जाएगी।

सबसे विश्वसनीय डिजिटल पहचान प्रणालियों में से एक आधार यह सुनिश्चित करेगा कि ग्राहक की ऑनबोर्डिंग (किसी नए कर्मचारी को कंपनी में शामिल करने और उसे उसकी भूमिका, जिम्मेदारियों, कंपनी की संस्कृति और काम के माहौल से परिचित कराने की प्रक्रिया) त्वरित, कागज रहित हो तथा अपने ग्राहक पहचान पुष्टि (केवाईसी) मानदंडों के अनुरूप हो।

स्टारलिंक का आधार प्रमाणीकरण के साथ जुड़ना एक शक्तिशाली तालमेल का प्रतीक है: भारत की विश्वसनीय डिजिटल पहचान, वैश्विक उपग्रह प्रौद्योगिकी के साथ हाथ मिला रही है। आधार ई-केवाईसी उपयोगकर्ताओं को सहजता से शामिल करने में मदद करेगा, नियामक आवश्यकताओं का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए घरों, व्यवसायों और संस्थानों को हाई-स्पीड इंटरनेट प्रदान करेगा। मौजूदा नियमों के अनुसार, उपयोगकर्ताओं द्वारा आधार प्रमाणीकरण स्वैच्छिक आधार पर किया जाएगा।

स्टारलिंक सैटेलाइट कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड की उप-प्रमाणीकरण उपयोगकर्ता एजेंसी और उप-ईकेवाईसी उपयोगकर्ता एजेंसी के रूप में नियुक्ति सीईओ यूआईडीएआई भुवनेश कुमार; उप महानिदेशक यूआईडीएआई मनीष भारद्वाज और स्टारलिंक इंडिया के निदेशक पर्निल उर्ध्वारशे की उपस्थिति में की गई।

आधार, भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की नींव है और जीवन-यापन और व्यापार-सुगमता को बढ़ाने में इसकी भूमिका रही है। आधार संख्या धारकों के लिए उपयोग में आसानी और सुविधा के कारण, इसका चेहरा प्रमाणीकरण समाधान अब तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है।

एक वैश्विक उपग्रह इंटरनेट प्रदाता द्वारा आधार प्रमाणीकरण का उपयोग भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे की मापनीयता और विश्वसनीयता को दर्शाता है। आधार, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए सेवा वितरण में नवाचार को सक्षम बना सकता है।

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