@ चंडीगढ़ हरियाणा :-
इंडोनेशिया के बाली संसद सभागार में तीन दिवसीय 6वें अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का शुभारंभ हुआ। शुक्रवार को श्रीमद्भगवद् गीता को विराजित किया गया और भारत-इंडोनेशिया के प्राचीन सांस्कृतिक व आध्यात्मिक संबंधों को और गहरा करने के लिए विचार-विमर्श हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता बाली के वाइस चेयरमैन (डीपीआरडी) एवं वाइस गवर्नर नोवासेवी पुत्रा ने की। मुख्य वक्ता गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, मुख्य अतिथि हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा, विदेश मंत्रालय दक्षिण क्षेत्र की सचिव डॉ. नीना मल्होत्रा, बाली में भारत के सीजीआई शशांक विक्रम, बाली विधायक प्रो. सोमवीर, बुद्धि उत्तमा, राकी, मेदू पार्ता तथा इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन और अन्य देशों से आए प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि गीता का उपदेश किसी एक देश, भाषा, जाति या धर्म के लिए नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए है। गीता जीवन जीने की कला, सद्भाव और शांति का संदेश देती है और विश्व को एक सूत्र में पिरोने की शक्ति रखती है। पांच हजार वर्ष पूर्व धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की धरा से निकला यह शाश्वत संदेश आज भी मानव मूल्यों के लिए अपरिहार्य है।
