@ वडोदरा गुजरात :-
वडोदरा के नगरजनों को शनिवार को फिर एक बार मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के बच्चों के प्रति प्रेम एवं सरलता (ऋजुता) के दर्शन हुए। इलेट्स अर्बन इनोवेशन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर समिट में सहभागी हुए मुख्यमंत्री ने एक प्रज्ञाचक्षु (नेत्रहीन) छात्रा को स्टेज पर माइक दिलाकर उसकी बातें स्नेहपूर्वक सुनीं।

हुआ कुछ यूँ कि समिट में उर्मि स्कूल के दिव्यांग बच्चों द्वारा मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया, जिनमें इस विद्यालय में कक्षा 10 में अध्ययनरत गौरी शार्दुल भी शामिल थी। गौरी ने स्वयं बनाए गए स्कैच की फ्रेम मुख्यमंत्री को देकर उनका स्वागत किया।
पेंसिल से खींची गई तसवीर देखकर मुख्यमंत्री प्रभावित हुए, कारण कि गौरी प्रज्ञाचक्षु होने के बावजूद सुंदर चित्रकार्य कर सकती है। इसलिए मुख्यमंत्री ने जब इस छात्रा से बातचीत की, तब गौरी ने मुख्यमंत्री से कहा, सर, मुझे दो शब्द कहने हैं।
मुख्यमंत्री छात्रा की भावना को तुरंत समझ गए। उन्होंने तत्काल एक माइक स्टेज पर मंगवाया और बच्ची को उसकी बात कहने के लिए दे दिया।
गौरी ने भी किसी प्रकार के भय या संकोच के बिना कहा, सुगम्य भारत अभियान के कारण दिव्यांगजनों के अनुकूल इमारतों, बस स्टैंड्स, रेलवे स्टेशनों का निर्माण किया जा रहा है। ऐसे बच्चों के लिए सरकार द्वारा ब्रेल लिपि की सुविधा से युक्त शिक्षा सहित सुविधाएँ की जा रही हैं, जिससे दिव्यांगजनों की राह आसान हुई है। इस प्रकार गौरी ने बहुत ही सुंदर ढंग से अपनी बात प्रस्तुत की।
इस घटना से मुख्यमंत्री की सादगी तथा बच्चों के प्रति प्रेम का सबको फिर एक बार परिचय हुआ। साथ ही छात्रा की बात सुनकर भी सभी को आनंद हुआ। उनके साथ उर्मि स्कूल के सरगम गुप्ता एवं राधिका नायर भी सहभागी हुए।
