असम के दरांग में नरेन्द्र मोदी ने विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया

@ गुवाहाटी असम :-

असम के दरांग में प्रधानमंत्री ने लगभग 6,500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने असम की विकास यात्रा के इस ऐतिहासिक दिन पर दरांग के लोगों और असम के सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद, उन्होंने कल पहली बार असम का दौरा किया। उन्होंने ऑपरेशन की शानदार सफलता का श्रेय मां कामाख्या के आशीर्वाद को दिया और उनकी पावन भूमि पर कदम रखते ही आध्यात्मिक संतुष्टि की गहन अनुभूति व्यक्त की।

उन्होंने असम में मनाई जा रही जन्माष्टमी के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं भी दी। लाल किले की प्राचीर से अपने शब्दों को दोहराते हुए, मोदी ने कहा कि उन्होंने भारत की सुरक्षा रणनीति में ‘सुदर्शन-चक्र’ का विचार प्रस्तुत किया था। मोदी ने मंगलदोई को एक ऐसा स्थान बताया जहां संस्कृति, ऐतिहासिक गौरव और भविष्य की आशा का संगम होता है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र असम की पहचान का एक केंद्रीय प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रेरणा और वीरता से भरी इस धरती पर उन्हें लोगों से मिलने और बातचीत करने का अवसर पाकर सौभाग्यशाली महसूस हो रहा है।

मोदी ने याद दिलाया कि कुछ दिन पहले ही राष्ट्र ने भारत रत्न और प्रख्यात गायक भूपेन हज़ारिका की जयंती मनाई थी। उन्होंने बताया कि कल उन्हें उनके सम्मान में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री ने कहा कि असम के ऐसे महान सपूतों और हमारे पूर्वजों द्वारा देखे गए सपनों को अब केंद्र और राज्य की सरकारें पूरी ईमानदारी से आगे बढ़ा रही हैं।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि असम की सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन, साथ ही इसका तीव्र विकास, केंद्र और राज्य सरकारों की प्रमुख प्राथमिकताएं रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और असम के लोगों के संयुक्त प्रयासों से, राज्य अब राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर उल्लेखनीय प्रभाव डाल रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा, भारत वर्तमान में विश्‍व में सबसे तेजी से विकास करने वाला देश है और असम देश के सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में से एक बनकर उभरा है। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय था जब असम विकास में पिछड़ गया था और देश के बाकी हिस्सों के साथ तालमेल बिठाने के लिए संघर्ष करता था। हालांकि, आज असम लगभग 13 प्रतिशत की विकास दर के साथ आगे बढ़ रहा है। मोदी ने इसे एक बड़ी उपलब्धि बताया और इसका श्रेय असम के लोगों की कड़ी मेहनत और केंद्र व राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों को दिया। उन्होंने खुशी जताई कि असम के लोग इस साझेदारी को और मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी टीम को हर चुनाव में लगातार भारी जनसमर्थन मिलता है। प्रधानमंत्री ने आगे बताया कि हाल के पंचायत चुनावों में भी असम ने ऐतिहासिक जीत दिलाई और अपना आशीर्वाद दिया।

इस बात पर जोर देते हुए कि उनकी सरकार असम को भारत के विकास का इंजन बनाने के विजन के साथ काम कर रही है, प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का यह कार्यक्रम इसी प्रतिबद्धता का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा, कुछ ही देर पहले, इसी मंच से लगभग 6,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया है। मोदी ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारें असम को सबसे अधिक जुड़े हुए राज्यों में से एक और एक प्रमुख स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में विकसित कर रही हैं। उन्होंने कहा, ये परियोजनाएं हमारे संकल्प को और मजबूत करेंगी। मोदी ने दरांग मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, राजमार्ग और रिंग रोड के निर्माण के लिए सभी को हार्दिक बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने कहा, एक विकसित भारत के निर्माण के लिए पूरा देश एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है; युवाओं के लिए, एक विकसित भारत केवल एक सपना नहीं बल्कि एक संकल्प भी है और इस राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने में पूर्वोत्तर की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद, प्रमुख शहर, बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और औद्योगिक केंद्र मुख्य रूप से पश्चिमी और दक्षिणी भारत में विकसित हुए, जबकि पूर्वी भारत का एक विशाल क्षेत्र और जनसंख्या विकास की दौड़ में पीछे रह गई। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार अब इस स्थिति को बदलने के लिए काम कर रही है। मोदी ने कहा, 21 वीं सदी के पच्चीस वर्ष बीत चुके हैं, इस सदी का अगला चरण पूर्व और पूर्वोत्तर का है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असम और पूर्वोत्तर के लिए भारत की विकास गाथा का नेतृत्व करने का समय आ गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नई रिंग रोड से लोगों को बहुत लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इसके पूरा होने के बाद, ऊपरी असम की ओर जाने वाले वाहनों को शहर में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे शहरी यातायात की भीड़भाड़ कम होगी। उन्होंने कहा कि यह रिंग रोड पांच राष्ट्रीय राजमार्गों, दो राज्य राजमार्गों, एक हवाई अड्डे, तीन रेलवे स्टेशनों और एक अंतर्देशीय जल टर्मिनल को जोड़ेगा। इससे असम का पहला निर्बाध मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी नेटवर्क स्थापित होगा। मोदी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा इसी प्रकार का विकास किया जा रहा है।

इस बात पर जोर देते हुए कि सरकार देश को न केवल आज की जरूरतों के लिए, बल्कि अगले 25 से 50 वर्षों की आवश्यकताओं के लिए भी तैयारी कर रही है, प्रधानमंत्री ने जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधारों के बारे में लाल किले से की गई अपनी घोषणा को याद किया और यह खुशखबरी साझा की कि ये सुधार अब लागू हो रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि आज से नौ दिन बाद, नवरात्रि के अवसर पर, जीएसटी दरों में उल्लेखनीय कमी की जाएगी। मोदी ने कहा कि इससे असम के हर घर को लाभ होगा, जिससे रोजमर्रा की कई चीजें और सस्ती हो जाएंगी। उन्होंने बताया कि सीमेंट पर कर कम कर दिया गया है जिससे घर बनाने वालों की लागत कम होगी। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की महंगी दवाइयां सस्ती हो जाएंगी और बीमा प्रीमियम भी कम हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग नई मोटरसाइकिल या कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, उन्हें ये और भी सस्ती मिलेंगी। प्रधानमंत्री ने बताया कि मोटर कंपनियों ने इन लाभों का विज्ञापन करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों, युवाओं, किसानों और दुकानदारों – समाज के सभी वर्गों – को इस निर्णय से लाभ होगा। उन्होंने आगे कहा कि यह सुधार लोगों के त्योहारों के उत्साह को और बढ़ाएगा।

त्योहारों के मौसम में नागरिकों से एक महत्वपूर्ण संदेश को ध्यान में रखने का आग्रह करते हुए, प्रधानमंत्री ने स्वदेशी उत्पादों को चुनने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोग भारत में निर्मित वस्तुएं खरीदें, भारत में निर्मित उत्पाद उपहार में दें और यह सुनिश्चित करें कि दुकानदार भी भारत में निर्मित वस्तुओं का प्रचार और बिक्री करें। उन्होंने सभी से वोकल फॉर लोकल होने का आह्वान किया और कहा कि इस दिशा में किया गया हर प्रयास राष्ट्र को मजबूत करेगा।

असम को देशभक्तों की भूमि बताते हुए, विदेशी आक्रमणकारियों से राष्ट्र की रक्षा और स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए बलिदानों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने पथरुघाट के ऐतिहासिक किसान सत्याग्रह को याद किया और उपस्थित जनसमूह से इसकी निकटता और इसकी चिरस्थायी विरासत का उल्लेख किया। शहीदों की इस पावन भूमि पर खड़े होकर, मोदी ने कहा कि विपक्ष के एक और कृत्य का पर्दाफाश करना जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए भारत-विरोधी व्यक्तियों और विचारधाराओं के साथ खड़ा है। ऑपरेशन सिंदूर का उल्‍लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि इस अभियान के दौरान भी ऐसा देखा गया है। उन्होंने कहा कि जब विपक्षी दल सत्ता में थे, तब देश व्यापक आतंकवाद से जूझ रहा था और विपक्षी दल चुप रहा। इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि आज, वर्तमान सरकार के तहत, भारतीय सेना सिंदूर जैसे ऑपरेशन चलाकर पाकिस्तान में आतंकी सरगनाओं का सफाया कर रही है। उन्होंने विपक्ष की भारत की बजाय पाकिस्तानी सेना का पक्ष लेने और आतंकवादियों को पनाह देने वालों के एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए आलोचना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान के झूठ विपक्ष का बयान बन जाते हैं और उन्होंने जनता से विपक्षी दलों के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने अपने वोट बैंक के हितों को हमेशा राष्ट्रहित से ऊपर रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अब राष्ट्र-विरोधी तत्वों और घुसपैठियों का एक बड़ा संरक्षक बन गया है। उन्होंने दावा किया कि सत्ता में रहने के दौरान, विपक्ष ने घुसपैठ को प्रोत्साहित किया और अब घुसपैठियों को भारत में स्थायी रूप से बसाने की कोशिश कर रहा है। मोदी ने याद दिलाया कि मंगलदोई में कभी असम की पहचान की रक्षा और अवैध घुसपैठ का विरोध करने के लिए एक बड़ा आंदोलन चला था। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछली विपक्ष के नेतृत्व वाली सरकार ने इस प्रतिरोध के लिए लोगों को दंडित किया और बदले में जमीन पर अवैध अतिक्रमण की अनुमति देकर बदला लिया। उन्होंने विपक्ष पर आस्था स्थलों और किसानों एवं आदिवासी समुदायों की जमीनों पर अतिक्रमण को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार घुसपैठियों को देश के संसाधनों और संपत्तियों पर कब्‍जा नहीं करने देगी। उन्होंने कहा कि भारत के किसानों, युवाओं और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से किसी भी हालत में समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने घुसपैठियों द्वारा माताओं, बहनों और बेटियों पर किए जा रहे अत्याचारों पर चिंता व्यक्त की और कहा कि ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। मोदी ने घुसपैठ के जरिए सीमावर्ती क्षेत्रों की जनसांख्यिकीय संरचना को बदलने की चल रही साजिशों के प्रति आगाह किया और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। इसके जवाब में, उन्होंने एक राष्ट्रव्यापी जनसांख्यिकी अभियान शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने देश को घुसपैठियों से बचाने और उन्हें भारतीय धरती से पूरी तरह से खदेड़ने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

असम की समृद्ध विरासत को संरक्षित करने और इसके विकास में तेजी लाने की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्‍त करने के लिए समन्वित प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने असम और पूर्वोत्तर को एक विकसित भारत की प्रेरक शक्ति बनाने के अपने दृष्टिकोण को दोहराते हुए अपने भाषण का समापन किया।

इस कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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