कोई सेंचुरी बनाने के लिए कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है : गीता कोड़ा

@ सिद्धार्थ पाण्डेय /चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम ) झारखंड  :-

झारखंड राज्य सरकार द्वारा आगामी 8 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सारंडा के वन क्षेत्र 576 वर्ग मीटर को सेंचुरी बनाने के आहूत सुनवाई के ग्रामीणों का छोटानगरा एवं रोवांम में पूरजोर विरोध किया गया ।

उक्त बातें पश्चिम सिंहभूम पूर्व भाजपा सांसद गीता कोड़ा ने साक्षात्कार देते हुए बताई कि सत्ता पक्ष के झारखण्ड सरकार द्वारा कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है।हेमन्त सरकार कान में तेल डाल कर सोयी हुई है।स्थिति ऐसा बनाया जा रहा कि सारंडा को बचाना है तो सेंचुरी ही एकमात्र विकल्प है । क्षेत्र के ग्रामीण आदिवासी लोगों को गुमराह किया जा रहा है।

आदिवासियों के रोजी- रोटी की व्यवस्था के बजाय पूर्व से ही आदिवासियो का अहित करके कोई भी कार्य नहीं किया जाना चाहिए।पर्यावरण रक्षा निश्चित रूप सें लोगों के लिए जरूरी है लेकिन ऐसा प्रयास होना चाहिए कि कहीं सें भी अधिवासियों का अहित न हो। सूचनार्थ कहा जा सकता है कि खडकाई बांध इचाडैंप, के लिए क्यों नहीं ग्रामीणों की राय ली जा रही है ?

इसके लिए भी सत्ता पक्ष द्वारा ग्रामीणों से निर्णय लिया जाना चाहिए। सच्चाई यह है कि सारंडा क्षेत्र के साल वनों की हरियाली और प्राकृतिक झरनों को अगर बचाया जाए तो यह इलाका भी देश–विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण बन सकता है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

LIVE OFFLINE
track image
Loading...