केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए कई नई पहलों का शुभारंभ किया

@ नई दिल्ली :-

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री,  जगत प्रकाश नड्डा ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2025 के अवसर पर नई दिल्ली में राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (टेली मानस) के लिए कई नई पहलों का शुभारंभ किया।

नई पहलों में टेली मानस ऐप संवर्द्धन (बहुभाषी यूआई, चैटबॉट, सुगम्यता, आपातकालीन मॉड्यूल) का शुभारंभ शामिल है।टेली मानस ऐप अब अंग्रेजी और हिंदी भाषाओं के अलावा 10 क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध होगा। इन भाषाओं में असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, तमिल, तेलुगु, ओडिया और पंजाबी शामिल हैं।

यह कदम सुगम्यता बढ़ाने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने की दिशा में है। इसके अलावा चूंकि, विकलांग और कमजोर समूहों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचने में बाधाओं का सामना करना पड़ता है, इस लिए ऐप में अब दृष्टिबाधित उपयोगकर्ताओं के लिए इंटरफ़ेस को अधिक उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने के लिए सुगम्यता सुविधाएँ शामिल हैं। इसके अलावा, राहत सामग्री को शामिल किया गया है।

इस अवसर पर बोलते हुए, नड्डा ने कहा, एक स्वस्थ मन, एक स्वस्थ शरीर का निर्माण करता है और एक स्वस्थ मन और एक स्वस्थ शरीर, एक स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा, भारत मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक न्यायसंगत, किफायती और समावेशी पहुँच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। टेली-मानस ऐप में नई सुविधाओं के शुभारंभ के साथ, हम मानसिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को मज़बूत कर रहे हैं और देश के हर कोने तक डिजिटल नवाचारों की पहुँच का विस्तार कर रहे हैं। मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा को सामान्य बनाने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ना, कलंक को कम करने और भारत में मानसिक स्वास्थ्य को सार्वजनिक स्वास्थ्य के एक अभिन्न पहलू के रूप में उजागर करने के लिए महत्वपूर्ण है।

हर दिन लगभग 4,000 लोग सहायता के लिए संपर्क करते हैं, जो मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने में इस सेवा के प्रभाव को दर्शाता है। सहायता चाहने वाले पुरुषों और महिलाओं की लगभग बराबर संख्या दर्शाती है कि सभी समूहों में जागरूकता बढ़ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि टेली-मानस मोबाइल ऐप पूरे भारत में लोगों को कभी भी, कहीं भी सहायता प्राप्त करने की सुविधा देता है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला वास्तव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि संयुक्त राष्ट्र में इस वर्ष के विषय में मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि टेली मानस सहित भारत की डिजिटल पहलों का उद्देश्य सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है।उन्होंने कहा टेली मानस ऐप के माध्यम से समय पर, पेशेवर और सहानुभूतिपूर्ण मानसिक स्वास्थ्य सेवा और गुणवत्तापूर्ण परामर्श सेवाओं का उपयोग करके आत्महत्या जैसे किसी भी आत्मघाती व्यवहार को रोका जा सकता है और कलंक या रूढ़िवादिता को कम किया जा सकता है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने सभी हितधारकों से इस उन्नत एप्लिकेशन पर अपनी प्रतिक्रिया देने का आग्रह किया ताकि यदि कोई समस्या हो, तो निमहंस टीम द्वारा समय पर उसका समाधान किया जा सके।

निमहंस की मनोचिकित्सा निदेशक और वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. प्रतिमा मूर्ति ने कहा कि इस विस्तार के माध्यम से, टेली मानस लोगों के एक बड़े वर्ग को शामिल करने और मानसिक स्वास्थ्य सहायता की पहुँच बढ़ाने में सहायता करेगा।

अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, बैंगलोर (आईआईटी-बी) के टेली मानस के प्रधान अन्वेषक, प्रो. टी. के. कांत ने इस बात पर प्रकाश डाला कि इन सुधारों से सूचना का निर्बाध प्रवाह संभव होगा। उन्होंने यह भी बताया कि डेटा सुरक्षा और गोपनीयता प्रणाली में अंतर्निहित है और ऐप का मॉड्यूलर डिज़ाइन यह सुनिश्चित करेगा कि समय के साथ नई सुविधाएँ आसानी से जोड़ी जा सकें।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति में मानसिक स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकता है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर, राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (टेली मानस) और जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम सहित विभिन्न पहलों के माध्यम से इस चुनौती का समाधान करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

टेली -मानस गंभीर मामलों सहित मानसिक स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है और इसने कई व्यक्तियों को सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने में सहायता की है। भारत सरकार एक सुदृढ़, समावेशी और सुलभ मानसिक स्वास्थ्य इकोसिस्टम के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण और जागरूकता पहलों का लाभ उठाकर, भारत मानसिक स्वास्थ्य उपचार की कमी को दूर करने और यह सुनिश्चित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है कि कोई भी नागरिक पीछे न छूटे।

इस कार्यक्रम में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में एनएचएम की अपर सचिव एवं प्रबंध निदेशक  आराधना पटनायक, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव  विजय नेहरा, टेली मानस के प्रधान अन्वेषक डॉ. सी नवीन कुमार और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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