IIT दिल्ली, सीमा सुरक्षा बल अकादमी, ग्वालियर और आरजेआईटी के बीच MoU संपन्न हुआ

@ नई दिल्ली :-

IIT-दिल्ली, सीमा सुरक्षा बल अकादमी और रुस्तमजी इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (RJIT) के बीच एक MoU संपन्न हुआ। इस मौके पर IT दिल्ली के निदेशक रंगन बैनर्जी, सीमा सुरक्षा बल अकादमी के निदेशक डॉ शमशेर सिंह, IPS, ADG और RJIT के प्रशांत जैन प्रिंसिपल ने MoU पर हस्ताक्षर कर शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान एवं तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया हैं।

इस पहल का उद्देश्य छात्रों और प्रशिक्षुओं में अनुसंधान-उन्मुख सोच, प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा और नवाचार भावना को प्रोत्साहित करना है। इस समझौता ज्ञापन के अंतर्गत निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी है – शैक्षिक सहयोगः तीनों संस्थानों के मध्य शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संयुक्त पाठ्यक्रमों का संचालन, अनुसंधान परियोजनाओं पर कार्य तथा स्टूडेंट एक्चेंज फैकल्टी डेवलेपमेंट कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इससे छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और शोध के अधिक अवसर प्राप्त होंगे।

अनुसंधान एवं विकास (R&D): IIT दिल्ली के सहयोग से विभिन्न अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं पर संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा, जिससे छात्रों और संकाय सदस्यों को तकनीकी नवाचार एवं व्यावहारिक ज्ञान का लाभ मिलेगा। ज्ञान एवं विशेषज्ञता का आदान-प्रदानः संस्थानों के बीच ज्ञान, अनुभव और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के माध्यम से शैक्षणिक, अनुसंधान एवं Innovation संबंधी गतिविधियों को और
अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

सीमा सुरक्षा बल अकादमी में स्थापित Police Technology Innovation Centre एक ऐसे इंटरफेस के रूप में उभर रहा है जो बल की 48 मौजूदा चुनौतियों को पहचान कर आरजेआईटी और विभिन्न सॉल्यूशन प्रोवाइडर्स जैसे इंडस्ट्री, एकेडेमिया, इनोवेटर्स के साथ संपर्क और सहयोग कर व्यावहारिक सॉल्यूशन प्राप्त करने की दिशा में काम कर रहा है। इस MoU के होने से अब IIT दिल्ली जैसे विश्वस्तरीय संस्थान के साथ मिलकर Police Technology इनोवेशन Centre और आरजेआईटी नई ऊंचाइयों को छुएगा।

वर्तमान समय में Drone और Anti ड्रोन Technology ने युद्ध के मायने बदल दिए हैं। इसी के मद्देनजर हाल ही में सीमा सुरक्षा बल अकादमी में बल का पहला स्कूल ऑफ ड्रॉन वारफेयर स्थापित किया गया है जिसमें न केवल ड्रॉन और एंटी ड्रॉन टेक्नोलॉजीज के संचालन और टैक्टिक्स की ट्रेनिंग दी जा रही है बल्कि इन टैक्निक में रिसर्च भी की जा रही है। IT दिल्ली के साथ MoU से इन प्रयासों को नई दिशा और अवसर मिलेंगे।

दलजीत सिंह चौधरी, IPS,महानिदेशक, सीमा सुरक्षा बल के दूरदर्शी नेतृत्व से अकादमी में हो रहे तकनीकी एवं नवाचार संबंधी कार्यों को देशभर में पहचान मिल रही है। डॉ. सिंह के मार्गदर्शन में सीमा सुरक्षा बल अकादमी में अनुसंधान, तकनीकी विकास, और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे यह संस्थान एक Centre of Excellence के रूप में उभर रहा है। इसी कड़ी में, IIT दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रंजन बनर्जी, जो अपने क्षेत्र के प्रख्यात शिक्षाविद् एवं शोधकर्ता हैं, ने 9 एवं 10 नवम्बर 2025 को सीमा सुरक्षा बल अकादमी, ग्वालियर
का दौरा किया।

डॉ. शमशेर सिंह, IPS, निदेशक अकादमी ने कहा कि – IIT दिल्ली के साथ यह समझौता आरजेआईटी के इतिहास का एक ऐतिहासिक क्षण है। देश के चुनिंदा संस्थानों में से एक के रूप में आरजेआईटी अब तकनीकी सहयोग के नए युग में प्रवेश कर रहा है।

उन्होंने बताया कि प्रो. रंजन बनर्जी, निदेशक IIT दिल्ली द्वारा ‘IIT-D RJIT इनोवेशन Club का शुभारंभ किया जाएगा, जो दोनों संस्थानों के बीच अनुसंधान और नवाचार का सेतु बनेगा।

डॉ. सिंह ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि ड्रोन, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संगम से नवाचार करें और प्रधानमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विज़न को साकार बनाएं।  इस समझौते से Police Technology इनोवेशन Centre और School of Drone Warfare के अधिकारियों को IIT दिल्ली में जाकर अपने तकनीकी ज्ञान और अनुभव को समृद्ध करने का अवसर मिलेगा।

अपने दो दिवसीय भ्रमण के दौरान प्रो. बनर्जी ने CENWOSTO, Police टेक्नोलॉजी Innovation Centre, राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण केंद्र (NTCD), Tear Smoke Unit (TSU) तथा RJIT का अवलोकन किया। उन्होंने अकादमी में डॉ. शमशेर सिंह के मार्गदर्शन में चल रहे तकनीकी और अनुसंधान कार्यों की सराहना की तथा कहा कि यह संस्थान न केवल सुरक्षा बलों के लिए बल्कि देश के तकनीकी विकास हेतु भी प्रेरणास्रोत हैं।

प्रोफेसर बनर्जी ने अपने दौरे के दौरान आरजेआईटी के विद्यार्थियों एवं सीमा सुरक्षा बल अकादमी के अधिकारियों और कर्मचारियों से संवाद किया तथा Energy Sustainability विषय पर कौटिल्य सभागार में व्याख्यान भी दिया। उन्होंने ऊर्जा के क्षेत्र में सतत विकास, तकनीकी
नवाचार और पर्यावरणीय संतुलन के महत्व पर अपने विचार साझा किए।

यह MoU डॉ. शमशेर सिंह, निदेशक के नेतृत्व में सीमा सुरक्षा बल अकादमी को एक तकनीकी उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) के रूप में और अधिक सशक्त करेगा तथा सीमा सुरक्षा बल के प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में नई दिशा प्रदान करेगा।

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