@ गुवाहाटी असम :-
पूर्वोत्तर विशेष अवसंरचना विकास योजना (NESIDS) को 2017-18 में एक नई केंद्रीय क्षेत्र योजना के रूप में अनुमोदित किया गया था और 2022-23 में इसे दो घटकों अर्थात् NESIDS (सड़कें) और NESIDS (सड़कों के अलावा अन्य अवसंरचना) में पुनर्गठित किया गया। NESIDS-सड़कों का व्यापक उद्देश्य सड़क अवसंरचना के निर्माण हेतु परियोजनाओं हेतु आठ पूर्वोत्तर राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करके पूर्वोत्तर क्षेत्र का केंद्रित विकास सुनिश्चित करना है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (एमडीओएनईआर) ने भारतीय प्रबंधन संस्थान, शिलांग के माध्यम से असम सहित पूर्वोत्तर क्षेत्र के सभी आठ (08) राज्यों में NESIDS (सड़क) योजना के तहत सड़क संपर्क के प्रभाव का आकलन किया है, जिसमें बुनियादी ढांचे का विकास, सामाजिक बुनियादी ढांचे, क्षेत्रीय विकास, बहुक्षेत्रीय समर्थन, कार्यान्वयन तंत्र आदि सहित कई मापदंडों पर मूल्यांकन किया गया है।
प्रभाव अध्ययन में अन्य बातों के साथ-साथ इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि NESIDS के अंतर्गत आने वाली परियोजनाएं न केवल तात्कालिक बुनियादी ढांचे की ज़रूरतों को पूरा करती हैं बल्कि दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक लाभ भी उत्पन्न करती हैं – जिससे पूरे क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और गतिशीलता में वृद्धि होती है। ये परियोजनाएं सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) संख्या 9 (उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढाचा) और 11 (स्थायी शहर और अर्थव्यवस्थाएं) के अनुरूप भी हैं जिससे ज़िम्मेदार विकास सुनिश्चित होता है।
वर्ष 2017 से असम राज्य के लिए NESIDS के तहत कुल 20 सड़क परियोजनाएं स्वीकृत की गई थीं, जिनमें से 14 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। असम राज्य में NESIDS (सड़क) के अंतर्गत कोई भी परियोजना भूमि या मंजूरी संबंधी मुद्दों के कारण लंबित नहीं है।
NESIDS के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं की कार्यान्वयन अवधि विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है, जैसे भौगोलिक स्थिति, भूभाग, भूमि की उपलब्धता, अनिवार्य वैधानिक मंजूरी, बाधाओं को दूर करना, वित्तीय समापन आदि। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने बुधवार को लोकसभा में यह जानकारी उपलब्ध कराई।
