@ कमल उनियाल उत्तराखंड :-
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बढ़ती हुयी हिंसक जानवरों की सक्रियता स्थानीय जनता में डर का माहौल बना हुआ है। वन्यजीव संघर्ष तथा वनाग्नि घटनाओं के रोकथाम के लिए वन विभाग जनता से संवाद कर सहयोग की अपील कर रही है। मानव वन्यजीव संघर्ष और वनाग्नी रोकथाय के लिए प्रमुख वन संरक्षक के आदेशनुसार हर डिवीजन को प्रभाग दिवस आयोजित करने का निर्देश दिए गये हैं।

इसी के तहत भूमी संरक्षण वन प्रभाग लैन्सडौन ने जागरुकता अभियान, सावधानियां अपनाने वन्यजीव संघर्ष से सुरक्षा वनाग्नी घटना के रोकथाम के लिए मटियाली रेंज के उमथगाँव काण्डेई में प्रभाग दिवस का आयोजन किया गया। भूमी संरक्षण वन प्रभाग लैन्सडौन की प्रभागीय वन अधिकारी स्पर्श काला की अध्यक्षता में यह आयोजन किया गया जिसकी मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य सीमा भंडारी थी। मुख्य अतिथि ने कहा इस तरह के कार्यक्रम से मानव और वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में कमी आयेगी।

प्रभागीय वन अधिकारी भूमी संरक्षण वन प्रभाग लैन्सडौन स्पर्श काला ने अपने संबोधन में कहा कि वन प्रभाग के सभी रेंजो में टीम बना दी गयी है जो गाँव गाँव जाकर मानव वन्यजीव संघर्ष तथा वनागनि से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
रैंजो ने जागरुकता अभियान तेज कर दिया है बैठको के माध्यम से ग्रामीणो से संवाद किया जा रहा है कि खुले में भोजन न फेंके खुला में फेंके गये भोजन वन्यजीव को आकर्षित करता है जिसमें संंघर्ष की स्थिति पैदा होती है।
उप प्रभागीय वन अधिकारी प्रशान्त हिन्दवाण ने कहा हमारी सतर्कता ही हिंसक जानवरो को रोकने के प्रभारी कदम है। वन क्षेत्र अधिकारी विशन दत्त जोशी ने कहा सतर्कता के साथ घरो के आस पास झाडी कटान, जंगल जाते समय समूह में जाना, बच्चों को अकेला न जाने देना, जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखना ही सुरक्षा के उपाय हैं।
इस मौके पर वन दरोगा राधा वल्लभ उनियाल, वन आरक्षी संजय कंडारी, राकेश बेदवाल, कैलाश चन्द्र पान्डेय, रशिम खत्री, सीमा नेगी सहित ग्रामीण जगमोहन सिह, राजेन्द्र रावत, ममता देवी, मंजू देवी, राजेश्वरी देवी सुनीता देवी पूनम देवी मुकेश कन्डवाल सहित आदि उपस्थित रहे।
