@ नई दिल्ली :-
विदेश मंत्रालय ने वस्त्र मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय के सहयोग से, भारत की अध्यक्षता में 9-10 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शेरपाओं और सूस शेरपाओं की पहली बैठक का सफल समापन करने के बाद, 10 फरवरी 2026 को नई दिल्ली के राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय एवं हस्तकला अकादमी (एवसीएम एवं एचकेए) में ब्रिक्स शेरपाओं और सूस शेरपाओं के लिए एक विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्पकला तथा कला, संगीत एवं व्यंजन सहित जीवंत परंपराओं को प्रदर्शित करना था।

इस अवसर पर ब्राजील, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, ईरान और इंडोनेशिया के शेरपाओं ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में ब्रिक्स सदस्य और सहयोगी देशों के राजदूतों और लगभग 30 विदेशी प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
भारत के ब्रिक्स शेरपा (आर्थिक संबंध सचिव) ने भारत के ब्रिक्स सूस शेरपा (बहुपक्षीय आर्थिक संबंध संयुक्त सचिव) के सहयोग से इस कार्यक्रम की मेजबानी की। प्रतिनिधिमंडल में स्वास्थ्य मंत्रालय, डीपीआईआईटी और राजस्व विभाग के सचिव, विदेश मंत्रालय के 30 अधिकारी और राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय के अधिकारी भी शामिल थे।
स्वयंसेवी गाइडों द्वारा प्रतिनिधियों को संग्रहालय की दीर्घाओं का भ्रमण कराया गया। इस भ्रमण के दौरान, उन्हें भारत के विविध शिल्पों, लोक कलाओं एवं पारंपरिक प्रथाओं से अवगत कराया गया।

इस अवसर को यादगार बनाने के लिए, संग्रहालय परिसर में ब्लैक पॉटरी, चंबा रुमाल, कलमकारी, लाख की चूड़ियां और पेपर माशे से बने उत्पादों की विशेष स्टॉलें लगाई गईं। इन स्टॉलों में भारत के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक हस्तशिल्प एवं हथकरघा उत्पादों का प्रदर्शन किया गया जिसमें अतिथियों ने अपनी गहरी दिल्चस्पी व्यक्त की।
प्रतिनिधिमंडल ने पारंपरिक कला एवं शिल्प को संरक्षित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए भारत के प्रयासों की सराहना की।

