@ भोपाल मध्यप्रदेश :-
देश को नक्सलवाद से मुक्त बनाने की दिशा में चलाए जा रहे निर्णायक अभियान में उल्लेखनीय योगदान के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ स्थित बस्तर के बादल अकादमी में आयोजित “उजर बस्तर” कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, मध्यप्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों एवं हॉक फोर्स के अधिकारियों/कर्मचारियों को सम्मानित किया।

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बलों एवं पुलिस अधिकारियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से देश तेजी से नक्सलमुक्त भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है तथा सुरक्षा बलों की वीरता और प्रतिबद्धता इसके पीछे सबसे बड़ी शक्ति है।
मध्यप्रदेश पुलिस को यह सम्मान बालाघाट एवं छत्तीसगढ़ सीमा से लगे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सफल एंटी नक्सल ऑपरेशन्स, प्रभावी अंतरराज्यीय समन्वय, मजबूत खुफिया नेटवर्क, दुर्गम क्षेत्रों में सतत अभियान संचालन तथा सुरक्षा एवं विकास आधारित पुलिसिंग मॉडल को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रदान किया गया।
सम्मानित अधिकारियों में पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश कैलाश मकवाणा, विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज वास्तव, पुलिस आयुक्त भोपाल एवं तत्कालीन आईजी बालाघाट ज़ोन संजय कुमार, पुलिस अधीक्षक बालाघाट आदित्य मिश्रा, पुलिस अधीक्षक सिंगरौली एवं तत्कालीन कमांडेंट हॉक फोर्स बालाघाट शियाज़ के. एम., पुलिस उपायुक्त भोपाल एवं तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एंटी नक्सल ऑपरेशन बालाघाट आदर्श कांत शुक्ला शामिल रहे। इसके साथ ही हॉक फोर्स के निरीक्षक राम पदम शर्मा, निरीक्षक अतुल शुक्ला, निरीक्षक राजेश धुर्वे तथा सहायक उप निरीक्षक ब्रजेश राजावत को भी उनके साहस, समर्पण एवं सफल ऑपरेशनल भूमिका के लिए सम्मानित किया गया।
मध्यप्रदेश पुलिस की हॉक फोर्स एवं एंटी नक्सल ऑपरेशन इकाइयों ने विगत वर्षों में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार रणनीतिक एवं साहसिक अभियान संचालित किए हैं।
इन अभियानों के दौरान नक्सली गतिविधियों एवं उनके नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार किया गया, सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त ऑपरेशन संचालित किए गए। जिससे मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं महाराष्ट्र पुलिस के बीच समन्वित कार्रवाई को नई मजबूती मिली।
आधुनिक तकनीक, सटीक इंटेलिजेंस एवं कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में निरंतर ऑपरेशन के माध्यम से हॉक फोर्स ने नक्सली संगठनों की गतिविधियों, मूवमेंट एवं लॉजिस्टिक नेटवर्क को कमजोर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन अभियानों के परिणामस्वरूप नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई तथा स्थानीय नागरिकों में विश्वास एवं विकास का वातावरण स्थापित हुआ।
कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सल गतिविधियों एवं अन्य आंतरिक सुरक्षा अभियानों में उत्कृष्ट एवं उच्चस्तरीय कार्य करने वाले बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना एवं मध्यप्रदेश के पुलिस बलों के साथ-साथ सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एनआईए, एनटीआरओ, गृह मंत्रालय भारत सरकार तथा आसूचना ब्यूरो (IB) के अधिकारियों एवं इकाइयों को भी सम्मानित किया।
