@ गांधीनगर गुजरात :-
केंद्र और राज्य सरकार के ‘प्लास्टिक मुक्त भारत’ अभियान को तेज गति देने के लिए पंचमहाल जिले की हालोल जीआईडीसी (औद्योगिक क्षेत्र) में गुरुवार को वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री प्रवीण माली ने पर्यावरण अनुकूल कम्पोस्टेबल कैरी बैग बनाने वाले नए प्लांट का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर मंत्री प्रवीण माली ने आने वाले समय में हालोल जीआईडीसी में 50 कम्पोस्टेबल कैरी बैग बनाने वाले प्लांट शुरू करने की महत्वपूर्ण घोषणा भी की।

मंत्री माली ने कहा कि केंद्र सरकार ने 120 माइक्रोन से कम वाले सिंगल यूज प्लास्टिक पर नियंत्रण लगाया है। इसके पर्यावरण अनुकूल विकल्पों की खोज के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में हालोल में बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक और बैग के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए यह विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उन्होंने आगे कहा, “आने वाले समय में पूरे राज्य में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक बायोडिग्रेडेबल होगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण और गौमाता के स्वास्थ्य की रक्षा में बड़ा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि हालोल आने वाले समय में न केवल स्थानीय ग्राहकों तक ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक का निर्यात करने वाला एक मुख्य ‘एक्सपोर्ट हब’ बनकर उभरेगा।”
इस अवसर पर मंत्री प्रवीण माली ने सभी उद्योगपतियों से अपील की कि वे अपनी प्लास्टिक इकाइयों को कम्पोस्टेबल/बायोडिग्रेडेबल कैरी बैग के उत्पादन में रूपांतरित करें और पर्यावरण संरक्षण के इस महायज्ञ में सक्रिय भागीदार बनें।
राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण सुरक्षा के लिए कम्पोस्टेबल बैग के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रोत्साहक योजनाएं लागू की गई हैं। जिनमें 120 माइक्रोन से कम मोटाई वाली प्लास्टिक की थैलियों के उत्पादन पर प्रतिबंध है।
हालोल जीआईडीसी प्लास्टिक थैली उत्पादन का मुख्य केंद्र होने के कारण स्थानीय उद्योगकार अपनी मौजूदा मशीनरी का ही उपयोग करके नई टेक्नोलॉजी के जरिए कम्पोस्टेबल बैग बना सकते हैं। इसके लिए इस कार्यक्रम में विशेष मार्गदर्शन और लाइव डेमोन्स्ट्रेशन का भी आयोजन हुआ।
