@ लख़नऊ उत्तरप्रदेश :-
राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान किए गए एमओयू में से चयनित 49 प्रकरणों की प्रगति की मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गुरुवार को शासन सचिवालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में विस्तार से समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने प्रत्येक मामले के शीघ्र निस्तारण एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन निवेश प्रस्तावों को शीघ्र धरातल पर उतारा जाए। इनके क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं को तुरंत दूर किया जाए। इसके लिए आवश्यक नीतिगत या प्रक्रियागत निर्णय शीघ्र लिए जाएं।
मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग, नगरीय विकास एवं आवासन (यूडीएच) विभाग तथा स्वायत्त शासन विभाग (एलएसजी) को आवश्यक स्वीकृतियों की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। बैठक में संबंधित जिला कलक्टरों ने परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों एवं जिला प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ प्राथमिकता के आधार पर इन समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने राज्य में उद्योग और व्यापार सुगमता के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन सुधारों से निवेशकों के लिए प्रक्रियाएं सरल हुई हैं और इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि निवेशकों का विश्वास बढ़ाने तथा राज्य में निवेश का अनुकूल वातावरण विकसित करने के लिए निवेश प्रक्रियाओं को और अधिक सरल बनाया जा रहा है।
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव कुलदीप रांका, कौशल एवं उद्यमिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संदीप वर्मा, ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन (बीआईपी) के आयुक्त नीलाभ सक्सेना सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
