@ नई दिल्ली :-
भारतीय वायुसेना ने सेवानिवृत्त मास्टर वारंट ऑफिसर (HFO) नारायण रामकृष्णन के 100वें जन्मदिन के अवसर पर उनके सम्मान में विशेष समारोह आयोजित कर उनकी दीर्घकालिक राष्ट्रसेवा को याद किया। नारायण रामकृष्णन ने अपना शताब्दी वर्ष पूरा किया।

11 सितंबर 1926 को जन्मे नारायण रामकृष्णन ने भारतीय वायुसेना में उल्लेखनीय सेवाएं दीं। उन्होंने अपने सेवाकाल के दौरान कर्तव्य, समर्पण और अनुशासन का परिचय देते हुए राष्ट्र की सेवा की। वर्ष 1981 में भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद भी उनकी सेवा-भावना और योगदान को सम्मान के साथ याद किया जाता रहा है।
इस विशेष अवसर पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह (AP Singh CAS) सहित भारतीय वायुसेना के कई पूर्व सैनिकों और अधिकारियों ने नारायण रामकृष्णन के साथ उनके जीवन की इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया। समारोह के दौरान उनके लंबे सेवाकाल और राष्ट्र के प्रति समर्पण को सम्मानित किया गया।
वायुसेना ने उनके 100 वर्ष के जीवन को केवल उम्र का पड़ाव नहीं, बल्कि देश के प्रति समर्पित एक ऐसी विरासत के रूप में रेखांकित किया, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी।

नारायण रामकृष्णन का जीवन भारतीय वायुसेना के प्रति समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की मिसाल है। उनका शतायु जीवन और सेवा की विरासत आज भी सम्मान और प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।
